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उपलब्धि : कोरोना काल में पीजीआई ने प्रकाशित किए 176 शोध पत्र, देश में पाया दूसरा स्थान 

Fri, 01 Jan 2021 10:23 AM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 01 Jan 2021 10:23 AM IST
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PGI published 176 research papers in year 2020
PGI - फोटो : फाइल फोटो

चंडीगढ़ पीजीआई ने कोविड-19 के दौर में संक्रमित मरीजों के इलाज में सराहनीय प्रदर्शन करने के साथ ही शोध पत्र प्रकाशित करने के मामले में देश के चिकित्सा संस्थानों में दूसरा स्थान हासिल किया है। कोविड-19 के दौरान 176 शोध पत्र प्रकाशित कर शोध प्रकाशन की रैंकिंग में एम्स नई दिल्ली के बाद पीजीआई चंडीगढ़ ने अपनी जगह बनाई है।

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पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम ने बताया कि 2021 में सफलता का क्रम जारी रखते हुए रुके हुए दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया जाएगा। इनमें 300 बेड वाला न्यूरोसाइंसेज सेंटर और 300 बेड के मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर का निर्माण शामिल है।
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उन्होंने बताया कि कोविड के दौरान पीजीआई ने नॉन कोविड मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए टेली कंसल्टेशन का संचालन शुरू किया। इसके तहत अब तक चंडीगढ़ के साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले 2 लाख 11610 मरीजों को परामर्श दिया जा चुका है। वहीं 55 हजार भर्ती मरीजों को इलाज मिला है। 


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इसके अलावा इमरजेंसी और ट्रामा में 10 लाख मरीजों का इलाज किया गया है। सफलता के क्रम को जारी रखते हुए पीजीआई ने इस वर्ष भी अंगदान को बढ़ावा देने के लिए अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क)  रैंकिंग में लगातार चौथे साल भी दूसरा स्थान प्राप्त किया है। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर रितेश अग्रवाल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए प्रतिष्ठित शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार प्राप्त कर पीजीआई का गौरव बढ़ाया है। 

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महामारी के दौर में पीजीआई ने कोरोना के मरीजों पर काबू पाने के लिए 130000 आरटीपीआर और 10,000 जीन एक्सपर्ट व 6000 रैपिड एंटीजन टेस्ट किए हैं। इसके साथ ही पीजीआई ने अन्य प्रदेशों में 60 से अधिक लैब स्थापित किए हैं। पीजीआई में अब तक कोरोना के 3000 से अधिक गंभीर मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है। पीजीआई कोरोना महामारी पर काबू के लिए होने वाले टीकाकरण अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है। पीजीआई ने अपने 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीकरण कर उनके टीकाकरण के लिए तैयारियां पूरी कर ली है।

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