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पीजीआई प्रशासन पर घोटाले का आरोप

Sat, 06 Feb 2021 02:17 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 02:17 AM IST
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PGI administration accused of scam
चंडीगढ़। पीजीआई के मंत्रालयिक और सचिवीय कर्मचारी यूनियन ने पीजीआई प्रशासन पर मानकों की अनदेखी कर सरकारी खजाने की लूट करने का आरोप लगाया है। यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में इस संबंध में जानकारी दी। संघ के महासचिव तरुणदीप सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों की अवहेलना कर पीजीआई प्रशासन ने कुछ कर्मचारियों को फायदा पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने मनमाने और गैर कानूनी रूप से काम करते हुए संस्थान के लिपिकों को वित्तीय उन्नयन की अनुमति दी। इसे लेकर सरकार ने कोई आदेश जारी नहीं किया। उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ ही सभी महत्वपूर्ण विभागों को किया गया है, ताकि मामले को संज्ञान में लेकर दोषियों पर शीघ्र कार्यवाही की जाए।
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यूनियन के अध्यक्ष हरभजन सिंह भट्टी ने बताया कि प्रत्येक कैडर का एक संघीय ढांचा होता है और उसका हर 5 वर्ष पर समीक्षा की जानी अनिवार्य होती है। लेकिन पीजीआई में 28 साल में महज दो ही बार समीक्षा की गई है जबकि तक पांच बार समीक्षा हो जानी चाहिए। नियमों के अनुसार लिपिक से एलडीसी यूडीसी असिस्टेंट और फिर सुपरिंटेंडेंट बनाए जाते हैं, लेकिन यहां सीधे तौर पर लिपिक से असिस्टेंट और अधीक्षक तक प्रमोट किए गए हैं । इतना ही नहीं उनके वेतनमान भी बिना किसी नियमों के बढ़ा दिए गए हैं। इससे पीजीआई को हर साल काफी बजट का नुकसान हो रहा है। इसे लेकर भारत सरकार, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशंस, चीफ विजिलेंस कमिशन दिल्ली, चीफ विजिलेंस ऑफिसर पीजीआई , मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल को शिकायत की जा चुकी है।
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