महंगाई की मार : चंडीगढ़ में पेट्रोल 81 रुपये के पार, अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचे दाम
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कड़ाके की ठंड के बीच पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने लोगों का बजट हिलाकर रख दिया है। चंडीगढ़ में पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। बुधवार को पेट्रोल का दाम 81 रुपये 56 पैसे प्रति लीटर रहा, जबकि डीजल का दाम 74 रुपये 63 पैसे। इससे पहले इतने ज्यादा रेट कभी नहीं रहे।
करीब दो साल पहले 80 रुपये से ज्यादा पेट्रोल के दाम दर्ज किए गए थे। चार अक्तूबर 2018 को पेट्रोल के दाम 80 रुपये 94 पैसे प्रति लीटर था। हालांकि उस दौरान माना जा रहा था कि रेट आगे भी बढ़ेंगे, लेकिन सरकार ने टैक्स में कटौती कर दी थी। इससे कीमतों में कमी आई थी। लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के रेट से लोगों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। उनका कहना है कि पेट्रोल के रेट बढ़ने के साथ दूसरी चीजों के दाम भी बढ़ते हैं। कोरोना व लॉकडाउन की वजह से लोगों की हालत पहले ही ठीक नहीं, अब पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम चिंता और बढ़ा रहे हैं।
नौ महीने में पेट्रोल के दाम साढ़े 15 रुपये बढ़ गए
पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी पिछले कई महीने से जारी है। 30 अप्रैल 2020 को चंडीगढ़ में पेट्रोल 65.82 रुपये प्रति लीटर था। इस दौरान लॉकडाउन था और कोरोना की रोकथाम के लिए सरकारी खजाने से मदद की जा रही थी। इससे यूटी और केंद्र सरकार का भी बजट गड़बड़ाने लगा था। इसकी कमी को पूरा करने के लिए पेट्रोल व डीजल पर टैक्स बढ़ा दिया गया था।
पहले केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई और फिर चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब पांच फीसदी वैट बढ़ा दिया। रेट बढ़ने से चंडीगढ़ में पेट्रोल 68.62 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 62.02 रुपये प्रति लीटर हो गया था। उस समय रेट कम थे, तो लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं आई, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने शुरू हो गए। 31 जुलाई 2020 को चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम 77.41 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। रेट का सिलसिला अगस्त में भी जारी रहा। उस समय करीब दो रुपये की बढ़ोतरी हुई। 31 अगस्त 2020 को पेट्रोल का रेट 78.97 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया।
सरकार को टैक्स में देनी चाहिए राहत
चंडीगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सदस्य सिंद्धात दास का कहना है कि राजस्व को बढ़ाने के लिए कोरोना काल में पेट्रोल व डीजल पर टैक्स बढ़ा दिए थे, जो अब सरकार को वापस ले लेने चाहिए। इससे जनता को थोड़ी राहत मिल सकती है। उनका यह भी कहना है कि राजस्व बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकारों कारोबार के लिए अनुकूल स्थितियां बनानी चाहिए ताकि वे अपने व्यापार व कारोबार का विस्तार कर सकें। इससे जीएसटी तो बढ़ेगा, साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल यूथ एसोसिएशन के सदस्य कौशल सिंह ने बताया कि जिस देश में पेट्रोल व डीजल के रेट स्थिर नहीं होते हैं, वहां पर रोजाना इस्तेमाल में होने वाली वस्तुएं कभी सस्ती नहीं हो सकतीं। भारत में हर चीज महंगी होती जा रही है। सरकार का इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। आने वाले समय में चीजें और महंगी हो सकती हैं।
कब कितना रहा पेट्रोल व डीजल का रेट
महीना पेट्रोल डीजल
30 अप्रैल 2020 65.82 59.30
31 मई 2020 68.62 62.03
30 जून 2020 68.62 71.98
31 जुलाई 2020 77.41 73.78
31 अगस्त 2020 78.97 73.26
30 सितंबर 2020 77.99 70.30
31 अक्तूबर 2020 77.99 70.17
30 नवंबर 2020 79.28 72.17
31 दिसंबर 2020 80.59 73.61
13 जनवरी 2021 81.56 74.63