महंगाई की मार: चंडीगढ़ में रोजाना 35 पैसे बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, सरसों और रिफाइंड तेल भी आम आदमी की पहुंच से बाहर
त्योहारी सीजन पर इस बार महंगाई की मार देखी जा सकती है। चंडीगढ़ में रोजाना वस्तुओं के दामों में तेजी से इजाफा हो रहा है। 35 पैसे तक पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं। वहीं, सरसों और रिफाइंड तेल भी आसमान पर पहुंच गया है। लोग लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।
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त्योहारी सीजन में महंगाई की मार भारी पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के साथ आम जरूरत के सामानों के अलावा सर्राफा, कपड़ा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में भी महंगाई का असर देखा जा रहा है। खाद्य तेल, दालें और दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओं के दाम भी आसमान छू रहे हैं। फल और सब्जियों पर भी महंगाई की मार पड़ी है। महंगाई ने त्योहारी सीजन की रौनक फीकी कर दी है। लोग अपने बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। लोग सबसे ज्यादा परेशान पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से हैं। शहर में पेट्रोल 103, डीजल 96, तो एलपीजी सिलेंडर 910 रुपये तक पहुंच गया है।
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एक सप्ताह में इस तरह बढ़े तेल के दाम
दिनांक पेट्रोल डीजल
- 19 अक्तूबर 101.87 94.29
- 20 अक्तूबर 102.21 94.64
- 21 अक्तूबर 102.54 94.99
- 22 अक्तूबर 102.88 95.33
- 23 अक्तूबर 103.21 95.68
- 24 अक्तूबर .............................
खाने की थाली पर पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों का असर
डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम आदमी से लेकर मध्यम परिवारों के लोगों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। टमाटर और प्याज के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बाजार में चने की दाल को छोड़ सभी दालों के रेट 100 रुपये से ऊपर चल रहे हैं। अरहर की दाल 115 रुपये किलो पर पहुंच गई है। उड़द की दाल 110 रुपये किलो है। छोले, राजमा, चावल, आटा, मैदा, बेसन, घी, तेल, वनस्पति रिफाइंड, सरसों का तेल आदि के दामों में भी तेजी का दौर जारी है।
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आवश्यक वस्तुओं के दैनिक खुदरा मूल्य
वस्तु दाम
- चावल 35-40 रुपये
- आटा (गेहूं) 25 (नॉन-ब्रांड)
- चना दाल 75-80 रुपये
- अरहर दाल 115 रुपये
- उड़द दाल 110 रुपये
- मूंग दाल 105 रुपये
- मसूर दाल 102 रुपये
- चीनी 43 रुपये
- दूध 26 रुपये (500 एमएल ग्रीन)
- सरसों तेल (पैक) 200 रुपये (मशाल तेल)
- रिफाइंड 160 रुपये (910 एमएल)
- साबुन नंबर-1 90 रुपये (पांच का सेट)
- खुली चाय 65 रुपये (250 ग्राम नॉन-ब्रांड)
- नमक पैक 22 रुपये
- आलू 25-30 रुपये
- प्याज 40-45 रुपये
- टमाटर 70-80 रुपये
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ऑटो सेक्टर: जनवरी से अब तक 60 से 70 हजार रुपये महंगी हुई कारें
इस दिवाली ऑटो सेक्टर से जुड़े कारोबारियों ने उम्मीद जताई थी कि बंपर कारें बिकेंगी, लेकिन सेमी कंडक्टर की वैश्विक कमी और महंगाई ने उम्मीदों को फीका कर दिया। जनवरी से अब तक 60 से 70 हजार रुपये तक कारें महंगी हो चुकी हैं। इसका असर बिक्री पर भी पड़ा है। इसकी वजह से शहर में मध्यम श्रेणी की कारों की मांग बढ़ी है, जिनकी कीमत छह लाख से आठ लाख रुपये के बीच है। इनमें आई 20, निसान मैग्नाइट, किआ सोनेट, ब्रेजा, बलेनो, स्विफ्ट, मारुति सुजुकी अर्टिगा, हुंडई वेन्यू आदि की मांग ज्यादा है। बड़ी कारों में टोयोटा, महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मर्सिडीज की कारें शामिल हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक सामान व कपड़ा व्यवसाय पर भी पड़ा असर
दिवाली रोशनी का त्योहार है। इस पर्व के नजदीक आते ही लोग इलेक्ट्रिक लाइटें व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीदारी करते हैं, लेकिन इस बार महंगाई ने इनकी चमक भी फीकी कर दी है। फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान पर महंगाई का असर देखने को मिल रहा है। बिजली की झालरों से लेकर सभी सजावटी सामानों के दाम बढ़ गए हैं। त्योहारी सीजन में कपड़ा बाजार में भी असर दिख रहा है। रेडीमेड गारमेंट्स के दाम बढ़ गए हैं। ब्रांडेड से लेकर सामान्य वेरायटी के कपड़ों के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है।