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'एचपीएससी की मूल्यांकन पद्धति दोषपूर्ण है', संशोधन करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर

Thu, 22 Aug 2019 10:16 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 22 Aug 2019 10:16 AM IST
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petition in punjab haryana high court to change hpsc evaluation method
फाइल फोटो
हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा नियुक्ति के लिए अपनाई जाने वाली पद्धति को दोषपूर्ण बताते हुए इसमें संशोधन करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। छतीसगढ़ निवासी आलोक दूबे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एचसीएससी की मूल्यांकन तकनीक पर सवाल उठाया है।
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याची ने बताया कि जब परीक्षा के बाद मूल्यांकन किया जाता है तो उस समय मॉडरेशन और स्केलिंग के तरीके नहीं अपनाए जाते। देश में हरियाणा और अरुणाचल ही ऐसे दो राज्य हैं जिनकी पद्घति दोषपूर्ण है। बाकी राज्यों के लोक सेवा आयोगों की चयन की प्रक्रिया में इन तकनीकों को अपनाया जाता है। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि परीक्षा में सांइस, गणित जैसे विषय लेने वाले छात्र चयनित हो रहे है।
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इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यह पूरी तरह तकनीकी विषय हैं जिनमें उत्तर एक ही होता है और वही सही होता है। इन विषयों की जांच के दौरान जांच करने वाला उत्तर पर अपनी राय नहीं बना सकता। राजनीति शास्त्र, लोक प्रशासन व अन्य विषय लेकर परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को इससे बहुत नुकसान होता है और वे चयन प्रक्रिया में पीछे रह जाते है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पेपर जांचने के बाद भी एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन होना चाहिये। ये कमेटी यह सुनिश्चित करे कि  मूल्यांकन करने वाले ने सही नंबर दिए हैं या नहीं।
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याची ने कोर्ट को बताया कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार 2014  में एचसीएस भर्ती मुख्य परीक्षा में  9 उम्मीदवार ने गणित विषय के साथ परीक्षा दी और वो सभी पास हो गए। जबकि राजनीति शास्त्र विषय वाले उम्मीदवारों का पास प्रतिशत केवल 21 था। ऐसे में मॉडरेशन और स्केलिंग के तरीके अपनाना जरूरी है। याची के वकील की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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