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रामपाल की समिति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, जानिए किस मामले में?

Thu, 15 Sep 2016 09:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 15 Sep 2016 09:02 PM IST
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petition filed in highcourt against sant rampal national samiti
संत रामपाल - फोटो : फाइल फोटो
देशद्रोह के आरोप झेल रहे संत रामपाल की संस्था राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर हुई है। रामपाल के दर्जनों शिष्यों की ओर से दायर इस याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि राष्ट्र्रीय समाज सेवा समिति का नियंत्रण कुछ असामाजिक तत्वों के हाथ में आ गया है।
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समिति के कुछ सदस्यों की ओर से शिष्यों को यह कहकर आत्महत्या के लिए उकसाया जा रहा है कि सरकार या किसी और तंत्र से रामपाल को न्याय नहीं मिल सकता है।

साथ ही समिति की ओर से हजारों शिष्यों को आत्महत्या के लिए राष्ट्रपति से इजाजत लेने के लिए फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार और पुलिस महानिदेशक को 30 सितम्बर के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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समिति पर शिष्यों को गुमराह करने का आरोप

petition filed in highcourt against sant rampal national samiti
संत रामपाल - फोटो : फाइल फोटो
हाईकोर्ट ने दायर याचिका में कहा गया है कि रामपाल अहिंसा व शांति का संदेश देते है लेकिन समिति की ओर से संत के शिष्यों को गुमराह करते हुए उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाया जा रहा है।

राष्ट्र्रीय समाज सेवा समिति की ओर से रामपाल के शिष्यों यह कहा जा रहा है कि सरकार या किसी और तंत्र संत रामपाल को न्याय नहीं नहीं दे सकती है, नतीजतन आत्महत्या की राष्ट्रपति से इजाजत लेने के हजारों शिष्यों से फार्म भरवाए जा  रहे है।

राष्ट्र्रीय समाज सेवा समिति संत राम पाल की गद्दी पर कब्जा करने के लिए शुरू से ही गैर-कानूनी कार्य कर रही है। रामपाल लोगों को शांति का पाठ पढ़ाते थे लेकिन समिति के अधिकारियों ने आश्रम व संत रामपाल को हाइजेक कर कानून के खिलाफ काम किया। अभी भी समिति लोगो को भड़का कर समाज में अशांति फैलाना चाहती है।

याचिकाकर्ता ने इस बाबत हरियाणा के डीजीपी को एक मांग पत्र देकर इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की थी, लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार व डीजीपी हरियाणा को नोटिस जारी करते हुए 30 सितंबर के लिए जवाब तलब किया हैं।
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