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Highcourt: 12 बजे के बाद सिर्फ गुरुग्राम और फरीदाबाद में ही पब-बार की अनुमति क्यों, हरियाणा सरकार को नोटिस
Sat, 20 Jul 2024 11:14 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 20 Jul 2024 11:14 AM IST
सार
याचिका में हरियाणा सरकार की 2024-25 की आबकारी नीति 2024-25 को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं को आबकारी नीति में संशोधन का हवाला देते हुए यह बताया गया कि राज्य के 20 जिलों को लेकर बार/पब खोलने के समय में संशोधन किया गया है। जिन जिलों में समय प्रतिबंधित किया गया है उनमें पंचकूला भी शामिल हैं।
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- फोटो : freepik.com
विस्तार
हरियाणा की 2024-25 की आबकारी नीति को भेद-भाव वाली और कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
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याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद में ही रात 12 बजे के बाद पब और बार खोलने की अनुमति क्यों दी गई है, पंचकूला सहित बाकी के जिलों को यह छूट क्यों नहीं है।
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दी बोडेगा हॉस्पिटैलिटी और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार की 2024-25 की आबकारी नीति 2024-25 को चुनौती दी थी। याची ने बताया कि इस नीति के तहत कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा दिया गया है और गुरुग्राम व फरीदाबाद को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बार और पब को रात 12 बजे के बाद के बाद संचालित करने पर रोक लगा दी गई है।
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याची ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। याची ने बताया कि वे पंचकूला में बार और पब चला रहे हैं और कुछ ही माह पहले उन्होंने इस पर करोड़ों का निवेश किया है। बीते दिनों हरियाणा सरकार ने आबकारी नीति जारी की है और याचिकाकर्ताओं ने बार संचालन के लिए जारी लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है।
याचिकाकर्ताओं को आबकारी नीति में संशोधन का हवाला देते हुए यह बताया गया कि राज्य के 20 जिलों को लेकर बार/पब खोलने के समय में संशोधन किया गया है। जिन जिलों में समय प्रतिबंधित किया गया है उनमें पंचकूला भी शामिल हैं। केवल गुरुग्राम व फरीदाबाद को समय प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
याचिका में सरकार की इस नीति को भेदभाव पूर्ण बताते हुए और कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ देने वाला करार देते हुए याची ने रद्द करने की मांग की है। याची ने बताया कि नई आबकारी नीति के कारण कई पब/बार बंद हो चुके हैं तो कई बंद होने की कगार पर हैं। इस नीति के चलते इस उद्योग से जुड़े कई लोगों को रोजगार भी छिन चुका है तथा व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अब हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही पूछा है कि केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद को प्रतिबंध के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है।