{"_id":"5f69074b8ebc3e7c98760107","slug":"petition-file-in-high-court-against-web-series-your-honor","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेब सीरीज 'योर ऑनर' के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेब सीरीज 'योर ऑनर' के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप
Tue, 22 Sep 2020 01:34 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 22 Sep 2020 01:34 AM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनी लिव प्लेटफार्म पर दिखाई जा रही वेब सीरीज योर ऑनर के संबंध में पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। इसमें वेब सीरीज को न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया है। न्यायालय ने अब इस याचिका को जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मोहाली के एडवोकेट सुखचरण सिंह गिल ने एडवोकेट हरलव सिंह राजपूत के जरिये दायर याचिका में बताया है कि ऑनलाइन प्लेटफार्म पर दिखाए जा रहे कंटेट पर केंद्र का कोई नियंत्रण नहीं है। इस तरह दिखाई जा रही वेब-सीरीज अश्लीलता और हिंसा से भरी होती हैं। टीवी और फिल्मों की तरह इनमें दिखाए जाने वाले कंटेंट पर कोई सेंसर नहीं होता है। ऐसे में इन पर लगाम लगाने के लिए कोई संस्था गठित करने की याचिका में अपील की गई थी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने खासतौर पर सोनी लिव पर दिखाई जा रही वेब सीरीज योर ऑनर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में न्यायपालिका की गरिमा को आहत किया जा रहा है, जिससे सामान्य लोगों में न्यायपालिका के प्रति सम्मान को ठेस पहुंचती है। इतना ही नहीं इस कार्यक्रम में पंजाब के दो वर्गों के बारे में सही चित्रण नहीं किया गया है, जिससे सामाजिक समरसता को आहत किया जा रहा है।
विज्ञापन
लिहाजा इस पर रोक लगाए जाने और ऐसे कार्यक्रमों के कंटेंट पर नियंत्रण लगाए जाने की न्यायालय से मांग की गई है। जस्टिस अरुण पल्ली ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण मामला है। लिहाजा इस पर जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए याचिका चीफ जस्टिस को रेफर कर दी।