{"_id":"2fc16311c0fcc8a2f934ca82207f7ef4","slug":"petition-cancelled-against-narendra-modi-chandigarh-rally-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः मोदी रैली के खिलाफ दायर याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः मोदी रैली के खिलाफ दायर याचिका खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 22 Sep 2015 12:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 सितंबर को चंडीगढ़ दौरे के दौरान प्रशासन द्वारा स्कूल बंद करवा दिए जाने और प्रधानमंत्री के रैली स्थल के निकट स्थित श्मशान घाट बंद कर दिए जाने से आम लोगों को हुई परेशानी के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका खारिज हो गई।
विज्ञापन
याचिककर्ता लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) आरएस सुजलाना और ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) किरन कृष्ण ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि आम लोगों को हुई परेशानी के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाए और ऐसी व्यवस्था हो कि अफसर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम न करें।
विज्ञापन
एडवोकेट मेजर सुधीर मित्तल के जरिए दायर याचिका में कहा गया कि प्रधानमंत्री के चंडीगढ़ दौरे के दौरान यूटी प्रशासन की कार्यशैली से सवाल उठते हैं कि क्या यूटी प्रशासन आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहा है?
विज्ञापन
क्या आम नागरिकों का दर्जा प्रधानमंत्री से कम है और यूटी प्रशासन चंडीगढ़ के लोगों के प्रति इस मामले में जवाबदेह है या नहीं? याचिका में कहा गया कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन की ओर से आम लोगों पर लगाई गई विभिन्न पाबंदियां अधिकारियों द्वारा की गई ज्यादती हैं, इसीलिए हाईकोर्ट इस मामले में उचित आदेश पारित करे।
याचिका में यह मांग भी की गई कि सेक्टर-25 में आयोजित कार्यक्रम पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा खर्च किए गए 40 लाख रुपये संबंधित राजनीतिक पार्टी से वसूले जाने चाहिए। याचिका में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम एक राजनैतिक रैली थी।
याचिका में आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री की रैली के दिन सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट बंद कर दिया गया। स्कूलों में परीक्षाएं चल रही थी लेकिन 192 स्कूलों में उस दिन छुट्टी कर दी गई। इसके अलावा पीजीआई में मरीजों और उनके तीमारदारों की आवाजाही की आजादी भी छीन ली गई।
मुख्य सड़कें मध्य मार्ग और दक्षिण मार्ग बंद कर दिए गए और जिला अदालत के स्टाफ की ड्यूटी भी रैली में लगा दी गई, जिससे अदालत का कामकाज भी बाधित हुआ। प्रशासन ने स्कूली बसों को लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए लगा दिया।