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चंडीगढ़ प्रशासन से इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2015 को मिली मंजूरी, तो उद्यमियों में दौड़ी खुशी की लहर
Tue, 26 Feb 2019 04:04 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 Feb 2019 04:04 PM IST
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चंडीगढ़ के उद्यमी
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यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अनुमति के बाद एडवाइजर मनोज परिदा ने इंडस्ट्रियल पालिसी-2015 को मंजूरी दे दी है। प्रशासन की ओर से इसके लिए बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अब इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2015 के तहत उन सभी मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटीज को मंजूरी मिल गई है, जिन पर चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को आपत्ति नहीं है।
इसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया में सभी तरह की आईटी एक्टिविटीज को हरी झंडी मिल गई हैं। उद्यमियों ने प्रशासक के साथ ही खासतौर पर एडवाइजर के द्वारा लिए गए त्वरित निर्णय पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि करीब 35 साल बाद तमाम वॉयलेशन खत्म होने की अनुमति मिली है। अब सिटी में इंडस्ट्रीज का विकास तेजी से होगा।
बीती 4 फरवरी को एडवाइजर मनोज परिदा की पहल पर प्रशासक से अनुमति मिलने के बाद इंडस्ट्रियल को जरूरत के मुताबिक नीड बेस्ड चेंजेज को मंजूरी दे दी गई थी लेकिन सोमवार को उद्यमियों की मौजूदगी में एडवाइजर ने नोटिफिकेशन जारी भी कर दिया। नोटिफिकेशन मिलने के बाद उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब इंडस्ट्रियल एरिया में आफिस-कम-डिस्प्ले ब्लॉक को वर्कशाप के साथ इंटरचेंज किया जा सकता है। इंडस्ट्री इसकी काफी समय से जरूरत महसूस कर रही थी। बशर्ते इसमें बिल्डिंग बायलॉज और फायर नॉर्म्स का ख्याल रखा जाए।
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वॉयलेशन पर बड़ी राहत
इंडस्ट्रियल पालिसी-2015 लागू होने के बाद इंडस्ट्री के भीतर बने साइकिल स्टैंड को रॉ मैटीरियल की स्टोरेज व अन्य इंडस्ट्रियल से संबंधित कामों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। इंडस्ट्रियल एरिया में चोरी की घटनाओं को देखते हुए बेहड़े को पॉली कार्बोनट शीट्स कवर करने के साथ स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। शर्त यह है कि इसमें कोई अतिरिक्त फ्लोर एरिया नहीं जोड़ा जाएगा। इसका यूटी प्रशासन कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगा। बस बिल्डिंग बॉयलॉज व फायर विभाग की ओर से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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इसके तहत इंडस्ट्रियल एरिया में सभी तरह की आईटी एक्टिविटीज को हरी झंडी मिल गई हैं। उद्यमियों ने प्रशासक के साथ ही खासतौर पर एडवाइजर के द्वारा लिए गए त्वरित निर्णय पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि करीब 35 साल बाद तमाम वॉयलेशन खत्म होने की अनुमति मिली है। अब सिटी में इंडस्ट्रीज का विकास तेजी से होगा।
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बीती 4 फरवरी को एडवाइजर मनोज परिदा की पहल पर प्रशासक से अनुमति मिलने के बाद इंडस्ट्रियल को जरूरत के मुताबिक नीड बेस्ड चेंजेज को मंजूरी दे दी गई थी लेकिन सोमवार को उद्यमियों की मौजूदगी में एडवाइजर ने नोटिफिकेशन जारी भी कर दिया। नोटिफिकेशन मिलने के बाद उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब इंडस्ट्रियल एरिया में आफिस-कम-डिस्प्ले ब्लॉक को वर्कशाप के साथ इंटरचेंज किया जा सकता है। इंडस्ट्री इसकी काफी समय से जरूरत महसूस कर रही थी। बशर्ते इसमें बिल्डिंग बायलॉज और फायर नॉर्म्स का ख्याल रखा जाए।
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वॉयलेशन पर बड़ी राहत
इंडस्ट्रियल पालिसी-2015 लागू होने के बाद इंडस्ट्री के भीतर बने साइकिल स्टैंड को रॉ मैटीरियल की स्टोरेज व अन्य इंडस्ट्रियल से संबंधित कामों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है। इंडस्ट्रियल एरिया में चोरी की घटनाओं को देखते हुए बेहड़े को पॉली कार्बोनट शीट्स कवर करने के साथ स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। शर्त यह है कि इसमें कोई अतिरिक्त फ्लोर एरिया नहीं जोड़ा जाएगा। इसका यूटी प्रशासन कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगा। बस बिल्डिंग बॉयलॉज व फायर विभाग की ओर से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
इन एक्टिविटीज को मिली मंजूरी
इंडस्ट्रीज की डिमांड पर उद्यमियों को कुछ अतिरिक्त एक्टिविटीज को भी मंजूरी दे दी गई है। इसमें सर्विसेज, इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल, स्ट्रक्चरल टेस्टिंग लैब्स, ऑडियो विजुअल रिकार्डिंग स्टूडियोज फार सोशल मीडिया, डाक्यूमेंटेशन सेंटर फार इंडस्ट्रियल डिजाइन एंड प्रिंटिंग, कैड, कैम, डिजाइन वर्कशाप, सिक्योरटी मैनेजमेंट सर्विसेज, सभी तरह के ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर एवं इंडस्ट्री एंड ऑटोमोबाइल रिलेटिड सर्विसेज, रिपेयर सेंटर विद स्पेयर्स एंड असेसरीज, आईटी, आईटीईएस टेलिकॉम, डीटीएच, इंटरनेट एंड केबल ऑपरेटर्स सर्विसेज जैसे टेलीकॉम, जनरल वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स जनरल आइटम्स, इंडस्ट्रियल गुड्स, व्हाइट गुड्स, मेडिकल एवं सर्जिकल गुड्स, रेस्टोरेंट्स में बेस किचन, आउटडोर कैटरर (बिना रेस्टोरेंट खोले), टेक अवे एवं ऑनलाइन रेस्टोरेंट्स की अप्रूवल शामिल हैं। उद्यमी नवीन मंगलानी ने खुशी जताते हुए बताया कि प्रशासन की ओर से यहां पर राहत देते हुए कई वायलेशन को खत्म कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि एडवाइजर जिस प्रकार से काम कर रहे हैं, उससे लगता है कि इंडस्ट्रियल प्लॉट का लीज होल्ड से फ्रीहोल्ड कनवर्जन की भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने प्रशासक के साथ यूटी प्रशासन को धनयावाद दिया है।
उद्योगपितयों को मिली बड़ी राहत- टंडन
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा लंबित पड़ी औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं का समाधान किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब व्यापारी एडिशनल एक्टिविटीज कर सकता है तथा जरूरत के अनुसार अपने इंडस्ट्रीज प्लाट में बदलाव भी कर सकता है। प्रशासन द्वारा ओपन को-यार्ड कवर करने की भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस फैसले से सिटी के उद्योगपितयों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके कारोबार में बढ़ोत्तरी भी होगी।
उद्योगपितयों को मिली बड़ी राहत- टंडन
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा लंबित पड़ी औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं का समाधान किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब व्यापारी एडिशनल एक्टिविटीज कर सकता है तथा जरूरत के अनुसार अपने इंडस्ट्रीज प्लाट में बदलाव भी कर सकता है। प्रशासन द्वारा ओपन को-यार्ड कवर करने की भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस फैसले से सिटी के उद्योगपितयों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके कारोबार में बढ़ोत्तरी भी होगी।