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पंजाबी गायक सरताज ने बिखेरी सूफियाना कलाम की खुशबू
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 29 Dec 2013 05:39 PM IST
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नामी पंजाबी गायक सतिंदर सरताज ने शनिवार को अपने सूफियाना कलाम, पंजाबी गीतों और टप्पों से ऐसा रंग जमाया कि लोग झूम उठे।
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शिवालिक स्कूल का पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। मौका था फेज दो आरडब्ल्यूए प्रधान मनीष बंसल द्वारा आयोजित महफिले-सरताज का। मोहाली में पहली बार सजी सरताज की यह महफिल लड़कियों की भलाई को समर्पित थी।
सरताज के माता-पिता समागम के मुख्य मेहमान थे। एसएसपी चंडीगढ़ डॉ. सुखचैन सिंह गिल खासतौर पर पहुंचे। जिन्होंने सरताज के साथ मिलकर उन 22 पेरेंट्स को सम्मानित किया, जिनकी सिर्फ बेटियां हैं।
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साथ ही सरताज की नई अलबम सरदार जी भी रिलीज की। सरताज ने साहिबजादों की शहादत को समर्पित नई अलबम का गीत एक दिन मैंनू बंदा मिलेया, कहंदा सरदार जी.. सुनाया।
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इसके साथ ही उन्होंने दिल पहलां जेया नहीं रेहा.., अम्मी.., चीरे वालेया.., गल्ल तजुर्बे वाली है.., मेरी हीरिए फकीरिए.., जित्त दे निशान.., जे कोई गल्ल.. पाणी.., यार पंजाबी.., कुड़ियों रोया न करो.., दर्द गरीबां दा.. समेत कई गीत सुनाए।
वहीं, अपने टप्पों से भी खूब रंग जमाया। सरताज के गीतों पर पूरा हॉल तालियों से गूंजता रहा। हर तरफ से फरमाइसों की झड़ी लगती रही। सरताज ने भी फैन्स को निराश नहीं किया, उनकी फरमाइशें भी पूरी कीं।