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Chandigarh News: लोगों ने निकाला कैंडल मार्च, जाति जनगणना और यूजीसी समानता नियम लागू करने की मांग
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चंडीगढ़। सेक्टर-17 प्लाजा में शनिवार शाम सैकड़ों लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर जाति जनगणना, यूजीसी समानता नियम 2026 के लागू करने और पंजाब विश्वविद्यालय में ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने की मांग उठाई। ओबीसी फेडरेशन और ओबीसी रिजर्वेशन इम्प्लीमेंटेशन फोरम के आह्वान पर आयोजित इस कैंडल मार्च में विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने काफी संख्या में भाग लिया। मार्च का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता बलविंदर सिंह मुल्तानी ने किया।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने बैनर और नारे के माध्यम से तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया। इसमें सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना कराने की मांग शामिल रही, ताकि सामाजिक न्याय के लिए ठोस डेटा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव खत्म करने के लिए यूजीसी समानता नियम 2026 को तुरंत लागू करने की मांग की गई। तीसरी प्रमुख मांग पंजाब विश्वविद्यालय में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को प्रवेश और भर्तियों में पूरी तरह लागू करने की रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक आरक्षण नीति का सही तरीके से पालन नहीं होगा, तब तक सामाजिक संतुलन संभव नहीं है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
मार्च के समापन पर संबोधित करते हुए बलविंदर सिंह मुल्तानी ने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि अब ओबीसी समुदाय अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है और चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। इस दौरान अवतार सिंह सैनी, विजयपाल यादव, विक्रम यादव, संदीप कुमार सहित ओबीसी फोरम पीयू के कई सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और केंद्र सरकार, यूटी प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रबंधन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने बैनर और नारे के माध्यम से तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया। इसमें सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना कराने की मांग शामिल रही, ताकि सामाजिक न्याय के लिए ठोस डेटा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव खत्म करने के लिए यूजीसी समानता नियम 2026 को तुरंत लागू करने की मांग की गई। तीसरी प्रमुख मांग पंजाब विश्वविद्यालय में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को प्रवेश और भर्तियों में पूरी तरह लागू करने की रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक आरक्षण नीति का सही तरीके से पालन नहीं होगा, तब तक सामाजिक संतुलन संभव नहीं है।
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मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
मार्च के समापन पर संबोधित करते हुए बलविंदर सिंह मुल्तानी ने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि अब ओबीसी समुदाय अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है और चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। इस दौरान अवतार सिंह सैनी, विजयपाल यादव, विक्रम यादव, संदीप कुमार सहित ओबीसी फोरम पीयू के कई सदस्यों ने भी अपने विचार रखे और केंद्र सरकार, यूटी प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रबंधन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
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