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CM साहब! आपका फीडबैक सिस्टम ठीक नहीं, न आप मिलते न आपके अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Fri, 30 Mar 2018 01:44 PM IST
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मनोहर लाल खट्टर
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को नागरिक संवाद कार्यक्रम में अजीब स्थिति का सामना करना पड़ी। एक शख्स भड़क गए और खरी-खरी सुना डाली। सभा में आए एक प्रतिनिधि सपट्टर सिंह आपा खो बैठे और उन्होंने मुख्यमंत्री को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि आपका फीडबैक सिस्टम ठीक नहीं है। सपट्टर की बातों से सभागार में सन्नाटा छा गया और कार्यक्रम खत्म कर दिया गया।
केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) में वीरवार रात आठ बजे आयोजित नागरिक संवाद में शहर के चुने हुए 250 लोग ही बुलाये गए थे। सबकुछ तय तरीके से चल रहा था। कुछ चहेते लोगों को ही सवाल पूछने का मौका दिया जा रहा था। ऐसे में सेक्टर-6 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सपट्टर सिंह आपा खो बैठे और विरोध जताना शुरू कर दिया। शोर सुनकर सीएम मनोहर लाल ने आयोजकों को माइक सपट्टर सिंह को देने के आदेश दिए।
माइक मिलते ही सपट्टर सिंह ने प्रदेश सरकार से लेकर सीएम तक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएम साहब अपना फीडबैक सिस्टम को बदलो, ताकि सच आपके सामने आ सके। इसके बाद सभागार में सन्नाटा छा गया और संवाद कार्यक्रम का अंत भी हो गया। सीएम ने सपट्टर सिंह की बात तो सुनी, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद किसी को भी सीएम से सवाल पूछने का मौका नहीं दिया गया। कार्यक्रम 8 बजे से लेकर 9.15 मिनट तक चला।
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सीएम साहब न आप मिलते हो न ही प्रशासनिक अधिकारी
इससे पहले, व्यापारी प्रमोद गप्ता ने सीएम से सवाल किया कि सीएम साहब हमारी समस्या का समाधान कैसे हो, न तो आप मिलते हो और ही करनाल के अधिकारी ऑफिस में मिलते हैं। ऐसे में समस्याएं ज्यों की ज्यों बनी हुई है। वहीं अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरूला कई बार सवाल पूछने के लिए उठे, लेकिन उनको माइक नहीं थमाया गया। इसी प्रकार, सीजीसी के सदस्य ने टोल प्लाजा को हटवाने की बात कही तो सीएम ने कहा मेरे हाथ में नहीं है। इनके अलावा ज्यादातर उन लोगों के हाथ माइक आया, जिन्होंने सीएम की प्रशंसा में कसीदे गढ़े। कार्यक्रम में आधे घंटे तक सीएम मनोहर लाल ने सरकार की योजनाओं का गुणगान किया गया।
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केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) में वीरवार रात आठ बजे आयोजित नागरिक संवाद में शहर के चुने हुए 250 लोग ही बुलाये गए थे। सबकुछ तय तरीके से चल रहा था। कुछ चहेते लोगों को ही सवाल पूछने का मौका दिया जा रहा था। ऐसे में सेक्टर-6 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सपट्टर सिंह आपा खो बैठे और विरोध जताना शुरू कर दिया। शोर सुनकर सीएम मनोहर लाल ने आयोजकों को माइक सपट्टर सिंह को देने के आदेश दिए।
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माइक मिलते ही सपट्टर सिंह ने प्रदेश सरकार से लेकर सीएम तक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीएम साहब अपना फीडबैक सिस्टम को बदलो, ताकि सच आपके सामने आ सके। इसके बाद सभागार में सन्नाटा छा गया और संवाद कार्यक्रम का अंत भी हो गया। सीएम ने सपट्टर सिंह की बात तो सुनी, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद किसी को भी सीएम से सवाल पूछने का मौका नहीं दिया गया। कार्यक्रम 8 बजे से लेकर 9.15 मिनट तक चला।
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सीएम साहब न आप मिलते हो न ही प्रशासनिक अधिकारी
इससे पहले, व्यापारी प्रमोद गप्ता ने सीएम से सवाल किया कि सीएम साहब हमारी समस्या का समाधान कैसे हो, न तो आप मिलते हो और ही करनाल के अधिकारी ऑफिस में मिलते हैं। ऐसे में समस्याएं ज्यों की ज्यों बनी हुई है। वहीं अभिभावक एकता संघ के प्रधान दिनेश नरूला कई बार सवाल पूछने के लिए उठे, लेकिन उनको माइक नहीं थमाया गया। इसी प्रकार, सीजीसी के सदस्य ने टोल प्लाजा को हटवाने की बात कही तो सीएम ने कहा मेरे हाथ में नहीं है। इनके अलावा ज्यादातर उन लोगों के हाथ माइक आया, जिन्होंने सीएम की प्रशंसा में कसीदे गढ़े। कार्यक्रम में आधे घंटे तक सीएम मनोहर लाल ने सरकार की योजनाओं का गुणगान किया गया।