फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   People raging at not doctors, imposed lock

डॉक्टर न मिलने पर भड़के लोगों ने जड़ा ताला

Tue, 17 Dec 2013 10:17 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Tue, 17 Dec 2013 10:17 AM IST
विज्ञापन
People raging at not doctors, imposed lock

स्वास्थ्य केंद्र मोरनी में डॉक्टरों के नहीं मिलने पर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूटा पड़ा। दरअसल, एक व्यक्ति को करंट लगने पर लोग उसे अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले।

विज्ञापन


लोगों की सूचना पर डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर मोरनीवासियों का सब्र जबाव दे गया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विज्ञापन


इसके बाद लोगों ने डॉक्टर कक्ष पर ताला जड़ दिया। यही नहीं आक्रोशित लोगों ने कक्ष के दरवाजे को कीलों और लकड़ी की पट्टी से पूरी तरह बंद कर दिया।

ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि मंगलवार सुबह नौ बजे तक यदि सिविल सर्जन स्वास्थ्य कें द्र नहीं पहुंचे तो पूरे अस्पताल को ताला लगा दिया जाएगा।

बता दें कि रविवार को गंभीर हालत में तीन लोग अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों के नहीं मिलने पर उन्हें रेफर कर दिया गया।

सोमवार शाम मोरनी के टिक्करताल निवासी शांति स्वरूप को बिजली का करंट लग गया। जिसे गंभीर हालत में इलाज के लिए मोरनी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र में इलाज के लिए लाया गया। लेकिन, यहां पहुंचने पर घायल को अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद डॉक्टरों की लापरवाही से खफा सैकडों महिला और पुरुषों ने जमकर नारेबाजी की। लोगों ने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फोन करने पर प्रभारी डॉ. परमिन्द्र ने बताया कि वह तो सुबह से ही छुट्टी पर हैं उनकी तबीयत खराब है। इस पर लोगों प्रभारी सीएमओ डॉ. मनकीरत से मामले की शिकायत की। करीब दो घंटे लोगाें ने डॉक्टर के कमरे पर और कीलों से लकड़ी की फट्टियां जड़ कर उसे सील कर दिया। 
 
काबिलेगौर है कि रविवार को भी टूरिज्म विभाग के कर्मचारी ओमप्रकाश क ी बेटे को छत से गिरने के बाद घायल अवस्था में चिकित्सा केंद्र में लाया गया था। लेकिन, डॉक्टर नहीं मिले थे। बाद में घायल का स्टाफ नर्सों ने उपचार किया था। यहीं नहीं नर्सो द्वारा उसे पंचकूला के समान्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वहीं, बाद में पुलिस मुलाजिम एवं एक अन्य घायल को भी डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्सो ने इलाज किया।


ऐसे ही गत माह यहां इलाज के अभाव में बैहलो गांव निवासी समाजसेवी भीम सिंह और एक महिला की मौत हो गई थी। तब जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के एसएमओ एसपी गुप्ता द्वारा जांच की गई। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के केंद्र मोरनी में तैनात दोनों डॉक्टरों के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शन में महिला मंडल मोरनी प्रधान बबली अग्रवाल, नीलम गोयल, मोरनी साक्षर महिला समूह प्रधान मीना शर्मा, अतुल गर्ग, फूल सिंह परमार, मोरनी के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र पाल शर्मा, अभिषेक, धीरज, विजय पाल, संजीव कुमार, सरोज देवी, राजेन्द्र परमार देवेन्द्र राणा, मोरनी शिकायत एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्य खुशहाल परमार, महिपाल सहित सैकडों लोगों ने प्रदर्शन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed