पंजाब में बिजली संकट: 7500 मेगावाट मांग, 4400 ही उपलब्ध रही, कई घंटों की कटौती से लोग बेहाल
पावरकॉम को गुरुवार को प्रदेशभर से बिजली आपूर्ति से जुड़ी 35657 शिकायतें मिलीं। दिन में 343 फीडर दो घंटे, 34 फीडर दो से चार घंटे, 11 फीडर चार से छह घंटे और छह फीडर छह घंटे से अधिक वक्त तक डाउन रहे।
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पंजाब में बिजली का संकट लगातार गहरा रहा है। गुरुवार को पंजाब में 7500 मेगावाट की अधिकतम मांग के मुकाबले उपलब्धता केवल 4400 मेगावाट की रही। पावरकॉम ने महंगे दाम में बाहर से बिजली खरीदी लेकिन यह नाकाफी थी। उद्योगों को साढ़े छह घंटे तक की कटौती का सामना करना पड़ा। वहीं गांवों में 12 से 13 घंटे और शहरों में तीन से चार घंटे की कटौती से लोग बेहाल हो उठे।
बिजली संकट के बीच पावरकाम ने रोपड़ की बंद एक यूनिट को दोपहर करीब तीन बजे चला दी लेकिन फिलहाल 210 मेगावाट की इस यूनिट से मात्र 84 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है जबकि रोपड़ की चार में से एक, तलवंडी साबो की तीन में से दो और गोइंदवाल साहिब की दो में से एक यूनिट गुरुवार को भी बंद रही। इससे 1926 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रभावित हुआ।
पंजाब में गुरुवार को बिजली की दिन के समय अधिकतम मांग 7500 मेगावाट के करीब दर्ज की गई। पावरकॉम के पास 4400 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध रही। पावरकॉम ने अपनी रोपड़ की दो व लहरा मुहब्बत की चार यूनिटों से 1163 मेगावाट, राजपुरा की तीन, तलवंडी साबो की एक और गोइंदवाल की एक यूनिट से 2186 मेगावाट बिजली प्राप्त की।
हाइडल प्रोजेक्ट से 509 मेगावाट व अन्य सभी स्रोतों को मिलाकर करीब 4400 मेगावाट बिजली ही मिली। पावरकॉम ने बाहर से 2400 मेगावाट बिजली खरीदी भी की लेकिन 700 मेगावाट बिजली की कमी के चलते पावरकॉम ने उद्योगों, शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की।
कहां-कितने दिन का कोयला बचा
गुरुवार को रोपड़ प्लांट में आठ, लहरा में चार, राजपुरा में 18, तलवंडी साबो में छह और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला शेष है। देश के सभी राज्यों में बिजली की मांग में वृद्धि के कारण अब पावरकॉम को चाहकर भी पूरी बिजली बाहर से नहीं मिल पा रही है। इससे आने वाले धान के सीजन में पंजाब में बिजली की भारी किल्लत पैदा हो सकती है।
आज चालू हो सकती है तलवंडी साबो की बंद यूनिट
पावरकॉम के निदेशक (वितरण) डीपीएस ग्रेवाल ने बताया कि शुक्रवार तक तलवंडी साबो की बंद पड़ी दो यूनिटों में से एक के चालू होने की पूरी संभावना है। इससे 660 मेगावाट बिजली पंजाब को उपलब्ध हो जाएगी। इससे भीषण गर्मी में बढ़ती मांग को पूरा करने में आसानी होगी।
अगर कटौती न की जाए तो मांग 9500 मेगावाट के पार पहुंचेगी
पंजाब में दिन के वक्त जिस समय बिजली की अधिकतम मांग 7500 मेगावाट दर्ज की गई, सूत्रों के मुताबिक उस समय बिजली की अनुमानित जरूरत 9500 मेगावाट रही है। कटौती की वजह से मांग कम दर्ज हो पा रही है। इससे साफ है कि पंजाब में 2000 मेगावाट बिजली की कमी है। यह चिंता का विषय है।
बिजली आपूर्ति से जुड़ी 31883 शिकायतें मिलीं
पावरकॉम को गुरुवार को प्रदेशभर से बिजली आपूर्ति से जुड़ी 35657 शिकायतें मिलीं। दिन में 343 फीडर दो घंटे, 34 फीडर दो से चार घंटे, 11 फीडर चार से छह घंटे और छह फीडर छह घंटे से अधिक वक्त तक डाउन रहे।