फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   People are being cheated in the name of investigation by couriering illegal substances

Chandigarh News: अवैध पदार्थ कूरियर कर जांच के नाम पर लोगों से हो रही ठगी

Sun, 03 Mar 2024 01:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:24 AM IST
विज्ञापन
People are being cheated in the name of investigation by couriering illegal substances
हरियाणा में रोजाना साइबर ठगों की आ रहीं एक हजार से ज्यादा कॉल्स, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
विज्ञापन

चंडीगढ़। साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। साइबर ठग कभी पुलिस अधिकारी तो कभी निजी कंपनी के मालिक बनकर तो कभी कस्टमर केयर सर्विस के नाम पर भी ठगी कर रहे हैं। ऐसे में रोजाना एक हजार से ज्यादा कॉल्स हरियाणा में आ रहे हैं। इस पर हरियाणा पुलिस ने अब एक नई एडवाइजरी जारी की है। पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि अपनी पहचान छिपाकर किए जाने वाले अपराधों के मामले (इंपर्सन ओरिएंडेट क्राइम) व फेक नौकरी के ऑफर से की जाने वाली ठगी के केस सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। आम जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
एडीजीपी साइबर ओपी सिंह ने बताया कि साइबर ठग खुद को कोई पुलिस अधिकारी या किसी बड़ी निजी कंपनी के मालिक के तौर पर पेश करते हैं। उन्होंने बताया, हाल ही में एक ऐसा केस सामने आया था, जिसमें एक प्रसिद्ध पार्सल कंपनी के नाम पर एक व्यक्ति के घर पर कूरियर डिलीवर किया गया। उसमें कथित तौर पर अवैध पदार्थ थे। बाद में पीड़ित को जांच के नाम पर डराया गया और मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसों की मांग की गई। बताया कि इसी तरह से ग्राहक सेवा यानी कस्टमर केयर के नाम पर बढ़ती धोखाधड़ी भी चिंता का विषय है। कई बार लोग कस्टमर केयर का नंबर खोजने के दौरान साइबर ठगों से संपर्क कर बैठते हैं। फिर साइबर ठग कस्टमर केयर के कर्मचारी बन पीड़ितों को ठगते हैं। इसी तरह से ऑनलाइन जॉब धोखाधड़ी के बारे में भी बताया, जहां साइबर अपराधी फर्जी जॉब पोर्टल बनाते हैं या प्रसिद्ध कंपनियों के अधिकारी बन जॉब के नाम पर पैसे की डिमांड करते हैं। इसी तरह से सोशल मीडिया एप टेलीग्राम में टास्क देकर ठगी की जा रही है।
विज्ञापन


किसी भी शिकायत के लिए 1930 पर कॉल करें
व्यक्तिगत या संवेदनशील वित्तीय जानकारी मांगने पर सतर्क रहे।
फोन पर आपका अपना बनकर या कोई अधिकारी आपसे जानकारी मांगता है तो तुरंत उस नंबर की शिकायत करें।
किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपनी जानकारी साझा ना करें
किसी अनजान एप्लीकेशन को भी फोन पर इंस्टाल न करें
अनचाहे नौकरी प्रस्तावों या निवेश के अवसरों पर आंख मूंद कर विश्वास ना करें
धोखाधड़ी का पता चले तो तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करे

हेल्पलाइन ने 76.85 करोड़ रुपये बचाए
साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) ने पिछले 4.11 लाख कॉल्स को अटेंड किया। 1930 हेल्पलाइन पर 70 प्रशिक्षित अधिकारियों को तैनात किया। साइबर हेल्पलाइन टीम ने तत्पर कार्य करते हुए 76.85 करोड़ रुपये को जालसाजों के खातों में स्थानांतरित होने से रोका। पिछले साल 1.15 लाख शिकायतें दर्ज की गई और 2,747 केस दर्ज किए गए। वहीं, पिछले साल 1,909 साइबर अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भिजवाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed