चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले शोधार्थियों को छात्रवृत्ति तभी मिल पाएगी, जब वह तीसरे साल में एक पेपर प्रकाशित कर देंगे। इस नियम पर शोधार्थियों ने काम शुरू कर दिया है। वह शोध पेपर लिखने में जुटे हैं। उनके गाइड भी इस पर तेजी से काम कर रहे हैं। पेक ने इस बार शोध को परफॉरमेंस से जोड़ दिया है ताकि पब्लिकेशंस की संख्या में बढ़ोतरी हो सके। इससे शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।
पेक में सीनेट बैठक कुछ दिनों पहले आयोजित हुई थी। उसमें पेक प्रशासन ने प्रस्ताव रखा कि निरफ से लेकर हर प्रकार की रैंकिंग में संस्थान को आगे ले जाना है। इसके लिए शोध को बढ़ावा देना होगा और शोध को परफॉरमेंस से जोड़ना होगा। इस प्रस्ताव की सीनेट के सदस्यों ने सराहना की। इसके बाद काफी देर तक इस पर मंथन हुआ। तय हुआ कि शोधार्थी दूसरे वर्ष से तीसरे वर्ष में जैसे ही प्रवेश करेगा तो उसे उसी साल में एक उच्च गुणवत्तायुक्त रिसर्च पेपर लिखना होगा। शोधार्थी इसके लिए अपने गाइड से पूरी मदद ले सकेंगे। पेक स्कॉलरशिप भी इसी परफॉरमेंस के आधार पर देगा। छात्रवृत्ति को इससे जोड़ने के कारण शोधार्थियों ने अपने काम में तेजी दिखाई है ताकि उन्हें छात्रवृत्ति मिल जाए। विद्यार्थी दिन-रात शोध में जुटे हैं। यही नहीं शोध की गुणवत्ता में और निखार लाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि गुणवत्ता का आंकलन भी विदेशी विशेषज्ञों के जरिए करवाने की योजना है। ऐसे में शोधार्थी सभी बातों का ध्यान रखकर अपना कार्य कर रहे हैं।