{"_id":"69022ff537df238b9f0ef759","slug":"pay-honorarium-to-anganwadi-workers-after-6-months-consider-interest-high-court-chandigarh-news-c-16-1-pkl1098-856694-2025-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छह माह बाद मानदेय का भुगतान, हाईकोर्ट ने कहा-ब्याज पर करें विचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छह माह बाद मानदेय का भुगतान, हाईकोर्ट ने कहा-ब्याज पर करें विचार
Wed, 29 Oct 2025 08:47 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 08:47 PM IST
सार
हाईकोर्ट स्वत: संज्ञान में एक मामले की सुनवाई कर रहा था जिसमें अखबारों में छपी खबरों के आधार पर राज्य की 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय न मिलने की समस्या उठाई गई थी।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब सरकार ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों को अप्रैल से सितंबर तक के मानदेय का भुगतान कर दिया गया है और भुगतान में देरी का कारण तकनीकी था।
इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में छह महीने की देरी के लिए ब्याज देने पर 60 दिन के भीतर विचार कर निर्णय लें।
अदालत ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य को ऐसे मामलों में दूरदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए और किसी भी सुझाव को यांत्रिक तरीके से खारिज नहीं करना चाहिए।
हाईकोर्ट स्वत: संज्ञान में एक मामले की सुनवाई कर रहा था जिसमें अखबारों में छपी खबरों के आधार पर राज्य की 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय न मिलने की समस्या उठाई गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि अप्रैल से सितंबर 2025 तक का मानदेय जारी कर दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह 4,500 रुपये और सहायिकाओं को 2,250 रुपये का भुगतान किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में छह महीने की देरी के लिए ब्याज देने पर 60 दिन के भीतर विचार कर निर्णय लें।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य को ऐसे मामलों में दूरदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए और किसी भी सुझाव को यांत्रिक तरीके से खारिज नहीं करना चाहिए।
हाईकोर्ट स्वत: संज्ञान में एक मामले की सुनवाई कर रहा था जिसमें अखबारों में छपी खबरों के आधार पर राज्य की 50 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय न मिलने की समस्या उठाई गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि अप्रैल से सितंबर 2025 तक का मानदेय जारी कर दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रति माह 4,500 रुपये और सहायिकाओं को 2,250 रुपये का भुगतान किया गया है।
विज्ञापन