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पीजीआईः मरीज-तीमारदार बाहर, सराय में ताले

Fri, 10 Jan 2014 10:59 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 10 Jan 2014 10:59 AM IST
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Patients sleep in open ground, while public houses loacked
हाड़ कंपा देने वाली ठंड में पीजीआई के सौ से अधिक मरीज व तीमारदार खुले आसमान के नीचे सोने के लिए मजबूर हैं। संस्थान की ओर से उन्हें शेल्टर व छत देने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
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पीजीआई की ओर से इमरजेंसी में मरीज के साथ एक ही व्यक्ति के रुकने की अनुमति दी जाती है, इसलिए मरीज के साथ आए दूसरे तीमारदार बाहर सो रहे हैं।

जांच में पाया गया कि कई लोग ऐसे हैं, जो तीन महीने से ज्यादा से बाहर पेड़ों के नीचे सो रहे हैं। इनमें अधिकतर लोग सर्दी का शिकार हो गए हैं। किसी को बलगम वाली खांसी आ रही है तो किसी को निमोनिया के लक्षण हैं।
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संस्थान में ऐसे मरीजों के ठहरने के लिए तीन सराय बनी हैं, लेकिन उनकी हालत ऐसी है कि वहां पर कोई ठहरना नहीं चाहता। बाहर सो रहे मरीजों ने बताया कि सराय की हालत ऐसी है कि वहां पर ठहरने का मन नहीं करता।
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बिस्तर इतने गंदे हैं कि उस पर खटमल व अन्य कीड़े आसानी से रेंगते नजर आ सकते हैं। अमर उजाला की टीम ने एक नेहरू सराय का मुआयना किया तो वहां के कमरों पर ताले मिले।

सराय के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि कमरे दिए जाते हैं, लेकिन यहां पर कमरे लेने कोई नहीं आया। दरअसल नेहरू सराय जाने वाले रास्ते पर पूरा अंधेरा है, इसलिए वहां पर कोई ठहरना भी नहीं चाहता।

कुछ को भार्गव आडिटोरियम के बाहर मिली जगह
कुछ मरीजों को भार्गव आडिटोरियम के बाहर जगह मिल गई। इससे उन्हें ठंड से थोड़ी बहुत बचाव हो गई। तीमारदारों ने बताया कि जब आडिटोरियम में कार्यक्रम होता है तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता।

आडिटोरियम के पिछले वाले हिस्से में करीब 30 मरीज सो रहे थे। इसी तरह ऊपर वाली मंजिल में भी कुछ मरीज सो रहे थे।

कंडम बसों को बनाया जा सकता है बसेरा
हिसार से आए जगीर सिंह ने बताया कि दो दिन से वे पेड़ के नीचे सो रहे हैं। ओस के नीचे सोने से उन्हें खांसी व जुकाम की शिकायत हो गई है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कंडम बसों को अस्पतालों के बाहर खड़ा करने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे उनमें हमारे जैसे लोग रात की सर्दी में बचाव कर सकते हैं।


यहां पर कई कंडम बसे होंगी, जिनका यहां इस्तेमाल किया जा सकता है। देहरादून से आईं पुष्पा देवी ने बताया कि वे दस दिन से बाहर सो रही हैं। उनका इलाज पीजीआई में चल रहा है। उन्हें गाइनी की प्राब्लम हैं।

बाहर -बाहर सोते-सोते उनमें निमोनिया की शिकायत हो गई। उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से सर्दियों की रातों में ठहरने के लिए कुछ तो इंतजाम करना चाहिए था।
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