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Chandigarh News: मरीजों की परेशानी होगी खत्म, पीजीआई ने 26 लैब टेक्नीशियन किए तैनात
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चंडीगढ़। ओपीडी और सैंपल कलेक्शन यूनिट में मरीजों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए पीजीआई प्रशासन ने ड्यूटी रोस्टर में बदलाव करते हुए नई जॉइनिंग वाले 26 लैब टेक्नीशियन को विभिन्न विभागों में तैनाती दे दी है। इसके आदेश मंगलवार को जारी कर दिए गए।
पीजीआई में पिछले लंबे समय से लैब टेक्नीशियन की कमी के कारण मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा था। सैंपल देने, बारकोड बनवाने और जांच प्रक्रिया में देरी को लेकर मरीज लगातार परेशान हो रहे थे। अमर उजाला ने 6 मई को खबर और 12 मई को ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित कर मरीजों की दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि मरीजों को जांच के लिए पांच-पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है जबकि कई काउंटरों पर स्टाफ की कमी से काम प्रभावित हो रहा है। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने नई जॉइनिंग वाले लैब टेक्नीशियन को कार्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और अन्य विभागों में तैनात किया है। प्रशासन का मानना है कि नई तैनाती से ओपीडी और सैंपल कलेक्शन व्यवस्था में सुधार होगा और मरीजों का इंतजार कम हो सकेगा।
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पीजीआई में पिछले लंबे समय से लैब टेक्नीशियन की कमी के कारण मरीजों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा था। सैंपल देने, बारकोड बनवाने और जांच प्रक्रिया में देरी को लेकर मरीज लगातार परेशान हो रहे थे। अमर उजाला ने 6 मई को खबर और 12 मई को ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित कर मरीजों की दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि मरीजों को जांच के लिए पांच-पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है जबकि कई काउंटरों पर स्टाफ की कमी से काम प्रभावित हो रहा है। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने नई जॉइनिंग वाले लैब टेक्नीशियन को कार्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, बायोकेमिस्ट्री, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और अन्य विभागों में तैनात किया है। प्रशासन का मानना है कि नई तैनाती से ओपीडी और सैंपल कलेक्शन व्यवस्था में सुधार होगा और मरीजों का इंतजार कम हो सकेगा।
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