टल सकता था पठानकोट में आतंकी हमला, शहीद न होते जवान
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पंजाब पुलिस अगर थोड़ी सी संजीदगी दिखाती तो पठानकोट में आतंकी हमला टल सकता था। कोई जवान भी शहीद न होता। दो दिन पहले सेना की वर्दी पहने जिस हथियारबंद लोगों ने अकालगढ़ पर गाड़ी छोड़ी, वह जगह पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन से महज तीन किलोमीटर दूर थी।
इस घटना को पंजाब की पुलिस अगर संजीदगी से लेकर ऑपरेशन चला देती तो शायद एक भी सेना का जवान शहीद नहीं होता। हालात यह है कि अधिकारी लाल बत्ती वाले वाहनों में शुक्रवार को दिनभर पठानकोट पहुंचकर अपनी एक्सरसाइज करते रहे लेकिन किसी ने इस घटना को ऑपरेशन रूप से अंजाम देने के लिए खाका तैयार ही नहीं किया।
एसपी सलविंदर सिंह की एक्सयूवी गाड़ी छीनने से पहले आतंकवादियों ने नरोट जैमल सिंह के गांव भगवान निवासी इकरार सिंह टैक्सी चालक का अपहरण कर उसकी गला रेतकर हत्या कर शव को कथलौर पुल पर फेंक दिया।
हमले के आईबी के इनपुट को संजीदगी से नहीं लिया
घटना को अंजाम देने के बाद आतंकवादियों ने एसपी सलविंदर सिंह की गाड़ी को उस वक्त छीन लिया, जब वह अपने साथी सुनार व कुक के साथ धार्मिक स्थल पर से माथा टेककर आ रहे थे। गांव कोलियां के पास उनकी गाड़ी छीनी गई और पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन से महज तीन किलोमीटर दूर पर आकर अकालगढ़ में गाड़ी पंक्चर हो गई और आतंकवादी गाड़ी छोड़कर भाग निकले।
वीरवार रात की इस संगीन वारदात को लेकर शुक्रवार दोपहर तक पुलिस अधिकारी किसी अन्य घटना से जोड़कर देखते रहे। इतना ही नहीं पहले एसपी सलविंदर सिंह को ही शंका के घेरे में लेकर जांच चलती रही। मामले में दोपहर बाद आईबी की तरफ से इनपुट मिले कि आतंकवादी घटना घट सकती है तो एडीजीपी कानून व्यवस्था हरदीप ढिल्लो अपनी टीम के साथ पहुंच गए।
मीटिंगों का दौर शुरू हो गया और दिन भर अपने अपने कयास लगाए जाते रहे लेकिन किसी भी पंजाब पुलिस के अधिकारी ने अकालगढ़ जोकि महज तीन किलोमीटर एयरफोर्स स्टेशन से दूर था, उसको संजीदगी से नहीं लिया कि आतंकवादी हमला कर सकते हैं।
एसपी किडनेपिंग वाली पूरी घटना को पुलिस ने हलके में लिया
आईबी के इनपुट पर रात को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड एनएसजी का दस्ता पठानकोट पहुंच गया था, जोकि आर्मी हेडक्वार्ट में ठहराया गया था। पंजाब पुलिस इस घटना को हलके में लेती रही यही वजह रही कि शुक्रवार रात को आतंकवादी अकालगढ़ से पैदल ही एयरफोर्स स्टेशन के भीतर गांव धीरा की तरफ से घुसने में कामयाब हो गए।
हालांकि पंजाब पुलिस की नौवीं बटालियन का दस्ता पठानकोट सिविल एयरपोर्ट पर तैनात रहता है। यह एयरपोर्ट पठानकोट वायुसेना के एयसबेस के साथ ही स्थित है। नौवीं बटालियन के इस दस्ते को भी आगाह नहीं किया गया। न ही पंजाब पुलिस की तरफ से एयरफोर्स हेडक्वार्टर की सुरक्षा बढ़ाई गई। नतीजन सुबह तीन बजे आतंकवादियों ने एयरफोर्स स्टेशन पर हमला कर दिया।
काफी अहम है पठानकोट
पठानकोट का एयरफोर्स स्टेशन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है। यहां बड़े हथियार रखे जाते हैं। युद्ध में पूरी रणनीति को यहां से ही अंजाम दिया जाता है। 1965 और 1971 की लड़ाई में भी इस एयरफोर्स स्टेशन ने बड़ी भूमिका निभाई थी। मिग-21 लड़ाकू विमानों के लिए भी पठानकोट बेस स्टेशन है।
पिछले आतंकी हमले से पठानकोट हमले का कॉमन कनेक्शन
पंजाब के गुरदासपुर जिले के दीनानगर कस्बे में 5 माह पहले हुए आतंकी हमले का आज पठानकोट में हुए आतंकी हमले में कॉमन कनेक्शन मिला है।
इस बार भी आतंकियों ने दीनानगर की तरह बमियाल इलाके का इस्तेमाल किया है। आतंकवादी सांबा से नगरी और बमियाल से होते हुए पंजाब में दाखिल हुए। वहां से वह खोजकी चक्क से नरोटा जैमल सिंह वीरवार रात को पहुंचे।
वहां उन्होंने टैक्सी चालक की हत्या कर शव को कथलौर पुली के पास फेंका। बमियाल से आतंकियों का भारत में घुसना आसान है क्योंकि इस एरिया में बाड़ नहीं लगाई गई है। पंजाब की पूरी सीमा सील है लेकिन जम्मू सीमा पर बाड़ नहीं है।
बमियाल पंजाब और जम्मू के बार्डर पर है। पठानकोट से पाकिस्तान की सीमा करीब 30 किलोमीटर दूरी पर है। आतंकवादियों ने इसको पैदल ही पार किया। ऐसी आशंका है कि बुधवार रात को उन्होंने भारत की सीमा में एंट्री की।
बमियाल के रास्ते ही दीनानगर पहुंचे थे आतंकी
इससे पहले जब दीनानगर में पंजाब पुलिस के थाने पर आतंकवादियों ने कब्जा किया था तो तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने दावा किया था कि आतंकवादियों के पास जीपीएस मिला है, जिसमें बमियाल की लोकेशन मिली है।
आतंकवादी इसी रास्ते से पाकिस्तान से घुसे हैं लेकिन 30 नवंबर को पंजाब बार्डर के बीएसएफ अनिल पालीवाल ने खुलासा किया था कि आतंकवादी पंजाब से सटी पाकिस्तान की सीमा से दाखिल नहीं हुए हैं। अगर वह बमियाल पहुंचे हैं तो कहीं अन्य से घुसपैठ कर आए हैं।
इस बार भी ऐसी ही आशंका है कि आतंकवादी जम्मू के सांबा सेक्टर से घुसकर पंजाब के बमियाल पहुंचे और वहां से पठानकोट पहुंचे। पंजाब से सटी पाकिस्तान की सीमा पर सीमा सुरक्षा बल ने चौकसी बढ़ा दी है जबकि पंजाब के कई राजपत्रित पुलिस अधिकारी पठानकोट पहुंच गए हैं, जिनको एयरफोर्स से दूर घने जंगल में खाक छानने के लिए तैनात कर दिया गया है।