चेहरा देख दो बहनों का पासपोर्ट बनाने से किया था इंकार, अनिल विज के आदेश के बाद उम्मीदों को लगे पंख
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नेपाली युवतियों की तरह दिखने वाली हीना व उसकी बहन संतोष के पासपोर्ट की फाइल को पंख लग गए। पहले पासपोर्ट ऑफिस के कर्मचारी उन्हें अपना नागरिकता प्रमाणपत्र देने की बात कहकर तंग कर रहे थे। मगर गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत करने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। खुद डीसी अशोक शर्मा ने दोनों बहनों से बात कर उनके पासपोर्ट से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर दी।
साथ ही पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों को तलब कर उन्हें जरूरी निर्देश दिए। डीसी ने उन्हें साफ कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर किसी को गुमराह न करें। डीसी ने कहा कि अब तय समय पर दोनों बहनों को पासपोर्ट मिल जाएगा।
कनाडा जाना चाहती हैं दोनों बहनें
सिटी की कृष्णा कॉलोनी में रहने वाली हीना व संतोष पढ़ाई के लिए कनाडा जाना चाहती हैं। इसी मकसद से दोनों बहनों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। तीन महीने से वे पासपोर्ट ऑफिस के चक्कर काट रही थी। कर्मचारी उन्हें बार-बार नेपाली बताकर नागरिकता से जुड़ा प्रमाणपत्र देने की बात कह रहे थे। जबकि उनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत सभी दस्तावेज मौजूद हैं।
हिना और संतोष ने तंग आकर अपने पिता भगत बहादुर के साथ पूरे मामले की शिकायत गृहमंत्री अनिल विज को दी थी। विज ने डीसी अशोक शर्मा को फोन कर मामले में जरूरी कार्रवाई के आदेश दिए थे।
डीसी ने खुद हिना-संतोष को किया फोन
गृहमंत्री के आदेश पर डीसी अशोक शर्मा ने खुद हिना और संतोष को फोन कर मामले से जुड़ी पूरी डिटेल मांगी थी। तब दोनों बहनों ने उन्हें पूरे मामले से अवगत करवाया। इसके बाद उन्होंने युवतियों को परेशान करने वाले पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों तलब किया।
उन्हें फटकार लगाकर दोनों युवतियों के पासपोर्ट से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें पासपोर्ट उपलब्ध करवाने के भी आदेश दिए। अधिकारियों को साफ कहा कि ऐसा कोई ऑब्जेक्शन न लगाएं, जिससे लोग भ्रमित हों।
तय समय पर ही उपलब्ध होगा पासपोर्ट: डीसी
डीसी अशोक शर्मा ने कहा कि दोनों बहनों के पासपोर्ट से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। अब उन्हें तय समय पर पासपोर्ट मिल जाएगा। पहले ऑफिस कर्मचारी बिना वजह के ऑब्जेक्शन लगाकर उन्हें परेशान कर रहे थे। पर अब ऐसा नहीं होगा। मैंने खुद दोनों युवतियों से फोन पर बातचीत की थी।