चंडीगढ़ः जरूरी सामान-सेवाओं के लिए जारी कर्फ्यू पास तीन मई तक वैध, बंद रहेगा पंजाब विश्वविद्यालय
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देश में लॉकडाउन 2.0 की घोषणा के बाद चंडीगढ़ में जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को जारी पास की अवधि बढ़ा दी गई है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने पहले से जारी पासों को ही वैध करार देते हुए उनकी अवधि तीन मई तक करने का निर्णय किया है। पहले से जारी पास 14 अप्रैल तक वैध थे।
आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया था। इसके साथ ही चंडीगढ़ में कर्फ्यू लगाया गया था। कर्फ्यू में जरूरी वस्तुओं को लाने ले जाने और व्यवस्था बनाने के लिए कर्मचारियों को डीसी ने पास निर्गत किए थे, जिनकी वैधता 14 अप्रैल तक थी।
संक्रमण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अब लॉकडाउन की अवधि तीन मई कर दी गई है, जिसके बाद अब चंडीगढ़ में पूर्व में निर्गत किए गए पास की भी अवधि बढ़ा दी गई है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने चंडीगढ़ पुलिस सहित अन्य विभागों को संबोधित करते हुए पास की वैधता बढ़ाने का आदेश जारी किया है।
पंचकूला में भी तीन मई तक वैध होंगे पास
पंचकूला के डीसी मुकेश कुमार आहूजा ने आदेश जारी किए हैं कि जिला प्रशासन की ओर से जिन अधिकारियों, कर्मचारियों एवं व्यक्तिगत लोगों को विभिन्न श्रेणी के तहत 14 अप्रैल तक पास जारी किए थे, उन्हें आवश्यक सेवा के तहत तीन मई 2020 तक वैध माना जाए। सरकारी अधिकारी व आवश्यक सेवा और उनके वाहनों के पास को अब दोबारा बनवाने व नवीनीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं है।
पंजाब विश्वविद्यालय तीन मई तक बंद, आदेश जारी
केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब विश्वविद्यालय भी तीन मई तक बंद रहेगा। इसके आदेश पीयू प्रशासन ने जारी कर दिए हैं। सरकार ने पहले लॉकडाउन 14 अप्रैल तक किया था लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इसे 19 दिन के लिए और यानि तीन मई तक बढ़ा दिया गया है। जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की तो दोपहर तक ही पीयू प्रशासन को आदेश मिल गए। रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने पीयू के अवकाश तीन मई तक घोषित कर दिए।
मालूम हो कि 22 मार्च से पीयू लॉकडाउन के कारण बंद है। अब पीयू को सोचना है कि वह विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य कैसे कराएंगी और परीक्षा से लेकर रिजल्ट जारी करने तक की नई योजनाएं बनानी होंगी। जानकारों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड पर हो सकती हैं या फिर प्रथम व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कोई अन्य योजना शुरू की जा सकती है। हालांकि पीयू प्रशासन इसको लेकर आए दिन बैठक कर रहा है।