विश्वविद्यालय ने जारी किया संशोधित परीक्षा परिणाम, पास छात्राओं को कर दिया फेल, मच गया हंगामा
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इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय बीए द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर एक बार फिर विवादों में है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 10 नवंबर को जारी किए गए बीए द्वितीय वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में किए गए संशोधन में 35 से अधिक छात्राओं के फेल होने के बाद छात्राओं ने मंगलवार को विवि में हंगामा किया।
छात्राओं का आरोप था कि 10 नवंबर को जारी किए गए परिणाम में जो उत्तीर्ण घोषित थीं उनमें किसी को फेल और किसी री-अपीयर श्रेणी में डाल दिया गया है। छात्राओं के हंगामें के बाद विवि के परीक्षा नियंत्रक ने जांच का आश्वासन दिया है। विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले शहर के सेक्टर-18 स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने बताया कि विवि प्रशासन की तरफ से 10 नवंबर बीए द्वितीय वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम ऑनलाइन जारी किया गया था।
जिसमें पहले जारी किए परीक्षा परिणाम में लगभग 30 छात्राओं अंग्रेजी में री-अपीयर थीं जबकि भूगोल विषय में उत्तीर्ण थीं। इसके बाद 12 नवंबर को विश्वविद्यालय की तरफ से संशोधित परिणाम घोषित किया गया। जब सोमवार को अपना पुन: परिणाम देखा तो उनके परिणाम में तब्दीली मिली। जो छात्राएं अंग्रेजी में री-अपीयर थी उनमें कुछ को पास कर दिया गया जबकि कुछ को भूगोल में बेहद कम नंबर दर्शाए गए हैं। इसी तरह जो छात्राएं फेल थी उनमें कुछ को उत्तीर्ण भी दिखा दिया गया।
40 छात्राएं पहुंचीं विवि, एक सप्ताह का दिया समय
छात्राओं ने इस मामले में कॉलेज प्रबंधन को अवगत कराया लेकिन प्रबंधन की तरफ से इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की बताई गई। इसके बाद मंगलवार को कॉलेज की लगभग 40 से अधिक छात्राएं विश्वविद्यालय में पहुंचीं और परीक्षा नियंत्रक कक्ष के बाहर के प्रदर्शन करना प्रारंभ कर दिया। छात्राओं ने बदले गए परिणाम और उनके परिणाम को गलत बताते हुए संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की।
छात्राओं के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद विवि के छात्र संगठनों के भी पदाधिकारी वहां पहुंच गए। लगभग आधा घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पहुंचे परीक्षा नियंत्रक डॉ. डीपी गोयल को छात्राओं ने ज्ञापन सौंपा और संशोधित परिणाम जारी करने की मांग की। छात्राओं ने कहा कि यदि परिणाम संशोधित जारी नहीं किया तो फिर से आंदोलन करेंगी। जिस पर परीक्षा नियंत्रक ने एक सप्ताह में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
हमारी तरफ से परीक्षा परिणाम में कोई संशोधन नहीं किया गया है। इससे पहले भी बीकाम के विद्यार्थियों की भी यही समस्या थी जिसके बाद उनकी कापी दोबारा जांच कराई तो उसमें उनके अंक सही निकले। इसी तरह बीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं को भी कुछ शंकाएं हैं जिनकी कापियां उनके शिक्षकों द्वारा ही चेक कराकर इसका समाधान करा दिया जाएगा। परिणाम में किसी भी प्रकार की गलती नहीं है। -डॉ. डीपी गोयल, परीक्षा नियंत्रक, आईजीयू।