फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Parts of tanks and other defence equipment imported from Russia can be manufactured in Punjab.

Chandigarh News: पंजाब में बनाए जा सकते हैं रूस से आयातित टैंक और अन्य रक्षा उपकरणों के पार्ट

Sat, 29 Nov 2025 12:50 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Nov 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
Parts of tanks and other defence equipment imported from Russia can be manufactured in Punjab.

विज्ञापन

चंडीगढ़। सेना द्वारा रूस से आयातित टैंक और अन्य रक्षा उपकरणों के पार्ट अब पंजाब में भी बनाने की शुरुआत की जा सकती है। यह आवश्यकता रूस और यूक्रेन वार के बाद से पड़ने लगी है। सैन्य उपकरणों के कई ऐसे पार्ट हैं जिनको रूस या तो बना नहीं रहा या उनकी सप्लाई में काफी ज्यादा समय लगता है। सेना का कहना है कि यदि इमरजेंसी में किसी पार्ट की आवश्यकता पड़े तो स्वदेशी इंडस्ट्री में उसको तैयार किया जा सकता है।

सीआईआई में आयोजित अचीविंग एक्सीलेंस इन मैन्युफैक्चरिंग में पहुंचे वेस्टर्न कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया ने कहा कि पंजाब की इंडस्ट्री यह कर सकती है। हां, कुछ उद्यमियों को जुगाड़ वाली सोच से ऊपर उठकर इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि काफी सैन्य उपकरण रूस से आयात किए गए हैं, जिनको यहां बनाने के लिए इनोवेशन और संसाधन जरूरी हैं। पंजाब में पहले से ही रेल कोच फैक्ट्री और अन्य बड़े संगठनों के लिए पार्ट बनाए जा रहे हैं। आटोमेशन के साथ ही यहां हर फैब्रिकेशन इंडस्ट्री भी है। पंजाब में यदि ऐसी इंडस्ट्री का सेटअप हो गया तो निश्चित रूप से इंडस्ट्री का आने वाला भविष्य सुनहरा होगा क्योंकि नाटो से अमेरिका के हाथ खींचने के बाद यूरोपियन कंट्री को भी रक्षा उपकरणों की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में पंजाब से रक्षा उपकरणों के निर्यात की संभावना भी ज्यादा हो जाती है।
विज्ञापन


उद्यमी बोले-सेना का सहयोग और मटेरियल चाहिए
सीआईआई में अलग अलग कंंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि रक्षा उपकरणों को बनाया जा सकता हैै पर वह मानकों पर तभी उतर सकेंगे जब उनको उपकरणों में प्रयोग किया जाने वाला रॉ मटेरियल मिल सके। साथ ही सरकार से इस काम के लिए सब्सिडी भी दी जाए जिससे वह काम कर सकें। उद्यमियों का यह भी कहना था कि बेशक वह यूनिट्स लगा लें पर समस्या यह है कि उनका निवेश कितने समय में वापस होगा, यह तय नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि पहले ही यह मालूम हो सके कि जो यूनिट्स वह तैयार करेंगे, वह कितनी संख्या में होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह लोग रहे मौजूद
इस मौके पर हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्रेक्योरमेंट टीम के प्रमुख मुराली अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी अब देश की आवश्यकता है। पंजाब ही नहीं, देशभर में ऐसी इंडस्ट्री की तलाश जारी है। इस मौके पर पंजाब डवलपमेंट कमीशन की वाइस चेयरपर्सन सीमा बंसल और इनवेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed