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बाजवा बोले- मुझे कुछ हुआ तो सीएम-डीजीपी जिम्मेदार, कैप्टन का जवाब- शिकायत है तो मुझसे बात करें

Wed, 12 Aug 2020 01:34 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 12 Aug 2020 01:34 AM IST
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Partap singh Bajwa targets Punjab CM Amarinder singh and DGP over removal of personal security
प्रताप सिंह बाजवा, कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

सांसद प्रताप बाजवा द्वारा डीजीपी की निष्पक्षता पर उंगली उठाए जाने पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें कड़ा जवाब दिया। सीएम ने कहा कि बाजवा की सुरक्षा से पुलिस हटाने का फैसला उनका है। वह डीजीपी के बदले, उनसे बात करें। उन्होंने बाजवा को नसीहत दी कि अगर उन्हें राज्य सरकार के खिलाफ कोई शिकायत है तो वह उनसे संपर्क करें या दिल्ली में पार्टी आलाकमान तक पहुंच करें।  

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बाजवा द्वारा डीजीपी को लिखे पत्र का जवाब देते हुए शाम को मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्यसभा सांसद की बौखलाहट जाहिर होती है। उनका झूठ सबके सामने आ गया है। अगर सरकार ने बाजवा के खिलाफ कोई बदले वाली कार्रवाई करनी होती तो केंद्र द्वारा सुरक्षा मुहैया करवाए जाने का इंतजार न किया जाता। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘क्या हमने आपकी ओर से हमेशा राज्य सरकार की आलोचना किए जाने को बर्दाश्त नहीं किया। वे तो क्या राज्य की विरोधी पार्टियां भी उनकी सरकार पर बदलाखोरी का इल्जाम नहीं लगा सकतीं।’ 
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सुरक्षा वापस लेने का फैसला बतौर गृहमंत्री मेरा था: सीएम 
कैप्टन ने कहा कि बाजवा से सुरक्षा वापस लेने का फैसला बतौर गृहमंत्री उनका था। यह पंजाब पुलिस से मिली इंटेलिजेंस रिपोर्ट पर आधारित था। डीजीपी पर बाजवा द्वारा निजी हमला करना न सिर्फ गलत है बल्कि कांग्रेस पार्टी की रिवायतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ‘यदि बाजवा को मुझ पर और मेरी सरकार पर भरोसा नहीं है तो उन्हें आलाकमान के समक्ष अपने गिले-शिकवे क्यों नहीं रखे। क्या उन्हें पार्टी आलाकमान पर भी विश्वास नहीं रहा।

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बाजवा अकेले व्यक्ति नहीं, जिनकी सुरक्षा वापस ली गई: कैप्टन

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब में सांसद प्रताप बाजवा अकेले व्यक्ति नहीं हैं, जिनकी सुरक्षा कोविड महामारी के सामने आने के बाद वापस ली गई है। इसके पीछे कारण यह था कि कोविड की स्थिति को देखते हुए और राज्य के हितों के मद्देनजर 6500 पुलिस कर्मचारी पूरे राज्य में सुरक्षा ड्यूटियों से वापस ले लिए गए थे। 

कैप्टन ने कहा कि जहां तक बाजवा की बात है तो उनके सुरक्षाकर्मियों की संख्या सिर्फ छह थी। दूसरी बात, बाजवा की प्रांतीय पुलिस सुरक्षा वापस लेने का फैसला उन्हें गृह मंत्रालय की तरफ से जेड सुरक्षा के अधीन सीआईएसएफ के 25 सुरक्षाकर्मी समेत दो एस्कॉर्ट ड्राइवर और एक स्कॉर्पियो कार देने के बाद ही लिया गया। 

तीसरी बात, बादलों की आड़ में बाजवा राज्य सरकार और पुलिस के खिलाफ अपने बेबुनियाद आरोपों को जायज ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। बादलों की सुरक्षा की समीक्षा उसी पंजाब पुलिस की तरफ से की गई थी, जिस पर सांसद पक्षपात के आरोप लगा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि इस बात पर यकीन नहीं किया जा सकता कि पुलिस फोर्स जो विरोधी पार्टियों के नेताओं को सुरक्षा मुहैया करवाती है, वह बिना किसी कारण के सत्ताधारी पार्टी के सांसद से सुरक्षा वापस ले। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिर भी अगर बाजवा निजी सुरक्षा को प्रतिष्ठता का सवाल बना रहे हैं तो उनका अहंकार इस तथ्य से संतुष्ट होना चाहिए कि उनकी सुरक्षा में अब भी 25 से अधिक सीआईएसएफ कर्मी हैं।

राज्यसभा सांसद ने डीजीपी को लिखा पत्र

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने अपनी सुरक्षा से पंजाब पुलिस के जवान हटाए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता को मंगलवार को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें या उनके परिवार को कोई नुकसान हुआ तो उसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।

बाजवा ने पत्र में कहा कि उन्हें बीते चार दशकों से देश विरोधी और कट्टरपंथी ताकतों से खतरा है। उनके पिता पंजाब के पूर्व मंत्री सतनाम सिंह बाजवा ने राज्य में आतंकवाद के खिलाफ जंग में अपनी जान दी। 1990 में हुए भयानक बम हमले में वह खुद भी बाल-बाल बचे हैं। वह जल्द ही डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस को भी पत्र लिखेंगे कि अगर राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लिए जाने के कारण मुझे या मेरे परिवार को कोई नुकसान हुआ तो उसके लिए कैप्टन और डीजीपी पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।

राजनीतिक दखलअंदाजी के कारण हटाई सुरक्षा 
बाजवा ने कहा कि वे यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह पत्र अपनी सुरक्षा बहाल करने के लिए नहीं लिख रहे। राजनीतिक दखलअंदाजी के कारण उन्हें मिली पंजाब पुलिस की सुरक्षा को डीजीपी की ओर से वापस ले लिया गया है जो एक आईपीएस अधिकारी के सिद्धांतों के विपरीत है। 

बाजवा ने पूछा-  बादलों को दोनों सुरक्षा तो मुझे क्यों नहीं

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को पत्र लिखकर कहा कि मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किए गए खतरे के मूल्यांकन के आधार पर मुझे केंद्र ने 2013 में अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की थी। अगर अब मेरी पंजाब पुलिस की सुरक्षा वापस लेने का यह तर्क दिया जा रहा है कि मुझे केंद्र से भी सुरक्षा मिली हुई है तो फिर अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया की सुरक्षा क्यों वापस नहीं ली गई। 

इन तीनों नेताओं को भी केंद्रीय सुरक्षा के साथ-साथ पंजाब सरकार की तरफ से भी सुरक्षा प्रदान की गई है। बाजवा ने आगे लिखा कि जुलाई 2019 में गृह मंत्रालय ने मेरी केंद्रीय सुरक्षा वापस ले ली थी, हालांकि राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने मेरी सुरक्षा बारे फिर से विचार किया और मार्च 2020 में नौ महीने बाद केंद्रीय सुरक्षा बहाल कर दी। 

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