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सख्ती: पंजाब में बाइक-कार चलाते पकड़ा गया नाबालिग तो नपेंगे मां-बाप, जेल जाना पड़ेगा और जुर्माना भी देना होगा
Mon, 22 Jul 2024 07:48 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:48 AM IST
सार
पंजाब में पुलिस की तरफ से नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। अगर कोई नाबालिग पकड़ा गया तो सजा उसके माता पिता को मिलेगी।
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Minor Driving
- फोटो : Freepik
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विस्तार
पंजाब में कोई भी नाबालिग बच्चा बाइक, कार अन्य वाहन चलाते पकड़ा गया तो मां-बाप को 3 साल कैद और 25 हजार जुर्माना होगा। अगर वह किसी दूसरे से मांगकर वाहन चला है तो फिर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ भी ये कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने से पहले पंजाब पुलिस ने इस संबंध में लोगों को जागरुक करने का फैसला लिया है। यही कारण है कि इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह स्कूलों में जाकर बच्चों को इस संबंध में जागरुक करें, ताकि इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जा सकें और सड़क हादसों से बचा जा सकें।
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आदेशों के मुताबिक इस मामले में दूसरे वाहन मालिकों को भी बताया जाए कि वह 18 साल से कम उम्र के किसी बच्चे को अपनी गाड़ी न दें। अगर पुलिस ने पकड़ लिया तो फिर उस सूरत में गाड़ी की रजिस्ट्रेशन देखकर मालिक पर कार्रवाई होगी।
बता दें कि पंजाब में सड़क हादसे रोकने को कनाडा की तर्ज पर सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) बनाई गई है। देश में यह अपनी तरह की पहली फोर्स है। जिसकी तैनाती सिर्फ हाईवेज पर की गई है। यह गाड़ी में दिक्कत, एक्सीडेंट या अन्य इमरजेंसी में लोगों की मदद करती है। फोर्स में 5 हजार पुलिसकर्मी और 130 मॉडर्न वाहन हैं।
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मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने से पहले पंजाब पुलिस ने इस संबंध में लोगों को जागरुक करने का फैसला लिया है। यही कारण है कि इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह स्कूलों में जाकर बच्चों को इस संबंध में जागरुक करें, ताकि इस प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जा सकें और सड़क हादसों से बचा जा सकें।
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31 जुलाई के बाद होगी कार्रवाई
ट्रैफिक एजुकेशन सैल व ट्रैफिक स्टाफ की तरफ से जागरुकता मुहिम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 1 अगस्त से सभी जिलों से जागरुकता मुहिम को लेकर रिकार्ड मांगा जाएगा। एडीजीपी के आदेश के मुताबिक 31 जुलाई के बाद अगर कोई अंडरएज ड्राइविंग यानी 18 साल से कम उम्र का बच्चा दोपहिया या कार चलाता मिले तो उसके मां-बाप या वाहन मालिक पर कार्रवाई होगी।
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आदेशों के मुताबिक इस मामले में दूसरे वाहन मालिकों को भी बताया जाए कि वह 18 साल से कम उम्र के किसी बच्चे को अपनी गाड़ी न दें। अगर पुलिस ने पकड़ लिया तो फिर उस सूरत में गाड़ी की रजिस्ट्रेशन देखकर मालिक पर कार्रवाई होगी।
बता दें कि पंजाब में सड़क हादसे रोकने को कनाडा की तर्ज पर सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) बनाई गई है। देश में यह अपनी तरह की पहली फोर्स है। जिसकी तैनाती सिर्फ हाईवेज पर की गई है। यह गाड़ी में दिक्कत, एक्सीडेंट या अन्य इमरजेंसी में लोगों की मदद करती है। फोर्स में 5 हजार पुलिसकर्मी और 130 मॉडर्न वाहन हैं।