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Chandigarh News: लापता नाबालिग बेटी को ढूंढने यूपी से चंडीगढ़ पहुंचे मां-बाप, न मदद मिली, न एसएसपी से मिलने दिया

Thu, 10 Jul 2025 01:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jul 2025 01:21 AM IST
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Parents reached Chandigarh from UP to find their missing minor daughter, neither got any help nor was allowed to meet SSP
चंडीगढ़। “बस हमारी बच्ची मिल जाए, हम कुछ नहीं चाहते।” यह कहना है रामवती का, जो अपने पति के साथ 13 दिन से लापता अपनी नाबालिग बेटी की तलाश में उत्तर प्रदेश के संभल जिले से चंडीगढ़ तक पहुंची थी। उम्मीद थी कि पुलिस मदद करेगी, लेकिन न तो उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज की और न ही चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी बात गंभीरता से सुनी।
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प्रशासक गुलाब सिंह कटारिया ने सोमवार को आदेश दिए थे कि हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 11 से 12 बजे तक एसएसपी, डीसी और नगर निगम आयुक्त को लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान करना है।
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यूपी से आए दंपती ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय में एसएसपी से मिलने की कोशिश की, ताकि अपनी बेटी की गुमशुदगी की गुहार लगा सके। लेकिन उन्हें जनता दरबार में भी नहीं सुना गया, उल्टा सीआरयू ब्रांच से शिकायत वापस लेने का दबाव बनाकर लौटा दिया गया। जबकि प्रशासक की ओर से जारी निर्देश के अनुसार एसएसपी को जनता दरबार में उनकी समस्या सुननी चाहिए थी।
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गांव से गई, लौटकर नहीं आई बेटी

रामवती ने बताया कि 26 जून को उनकी नाबालिग बेटी घर से लापता हो गई थी। उस दिन रामवती अपने पति के साथ खेत में काम करने गई थी। इसी बीच एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर चंडीगढ़ ले आया। बेटी अपने साथ 30 हजार रुपये, मोबाइल, सोने के कुंडल और आधा किलो चांदी के जेवर भी साथ ले गई। परिवार ने मनहं पुलिस चौकी (थाना असमोली के अंतर्गत) में लिखित शिकायत दी, लेकिन न एफआईआर हुई, ना कोई कार्रवाई। वे कई बार चौकी के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन पुलिस ने हर बार अनसुना कर दिया।


बेटी के साथ अनहोनी होने का जताया डर
रामवती ने चंडीगढ़ एसएसपी विंडो पर दी शिकायत में कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बेटी इस वक्त सुरक्षित है या नहीं। उनकी बेटी को एक लड़का बहला-फुसलाकर चंडीगढ़ ले आया है। अब वह यहां अपने मामा के साथ रह रहा है। दंपती को डर है कि कहीं उनकी बेटी के साथ कुछ अनहोनी न हो जाए। उन्होंने लड़के के मामा का मोबाइल नंबर भी शिकायत में दिया है, ताकि पुलिस उस तक पहुंचकर उनकी बेटी का पता लगा सके। अब सवाल उठता है कि एक मां-बाप जो अपनी बेटी के लिए दिन-रात भटक रहे हैं। जिनके पास न रसूख है न पैसे। सिर्फ उम्मीद है कि कोई अधिकारी उनकी सुनेगा। लेकिन जब सिस्टम भी आंखें मूंद ले, तो इंसाफ की उम्मीद कहां रह जाती है?

जब तक शिकायत मार्क होकर नहीं आएगी, कुछ नहीं हो सकता
रामवती अपने पति के साथ चंडीगढ़ में पिछले पांच दिनों से अपनी नाबालिग बेटी की तलाश कर रही हैं। बेटी अपने साथ उनकी फसल की कमाई के पैसे भी ले गई है जो उन्होंने बड़ी मेहनत से जोड़े थे। दंपती सोमवार को एसएसपी कंवरदीप कौर से मिलने सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचा था। वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने शिकायत देखकर पहले ही कह दिया कि यह मामला मुरादाबाद के संभल का है, इसे विंडो पर कैसे ले लिया? इस पर रामवती ने बताया कि यूपी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए वो आखिरी उम्मीद लेकर चंडीगढ़ पहुंचे हैं।

इस पर पुलिसकर्मी ने उन्हें शिकायत वापस लेने और मुरादाबाद लौट जाने की सलाह दे डाली। साथ ही कहा कि जब तक शिकायत वहां से मार्क होकर नहीं आएगी, तब तक वे कुछ नहीं कर सकते। दंपती की एसएसपी से मुलाकात भी नहीं करवाई गई, जबकि वे जनता दरबार में सिर्फ अपनी बेटी की सलामती की गुहार लेकर पहुंचे थे।
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