नया कदम: पंजाब यूनिवर्सिटी ने दी कॉलेजों को राहत, निरीक्षण तभी होगा जब मानक पूरे होंगे
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को आदेश दिए हैं कि कॉलेजों को मान्यता देने में जल्दबाजी न करें। पहले मानकों को ठीक से परख लें। मानक पूरे होने पर ही मान्यता दी जाए। यह भी कहा है कि यदि कोई मानक 99 फीसदी पूरा है तो उस कॉलेज को भी मान्यता प्रदान कर दी जाए। उस कार्य को रोका नहीं जाए। किसी की सिफारिश पर भी यूनिवर्सिटी काम न करे। मौके पर टीम मानकों की जांच को जरूर जाएं। यूजीसी ने कहा कि कहीं भी गड़बड़ी मिलती है तो फिर उसकी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी की होगी।
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कॉलेजों को मान्यता देने के नाम पर होने वाले खेल को बंद करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी नया कदम उठाने जा रही है। पीयू की जांच पड़ताल करने वाली टीम की ओर से कॉलेजों का निरीक्षण तभी होगा, जब वे खुद कह देंगे कि मानक पूरे कर लिए हैं। मानकों की जांच के बाद ही आपत्तियां लगाई जा सकेंगी।
पंजाब यूनिवर्सिटी से 200 से अधिक कॉलेज मान्यता प्राप्त हैं। इन कॉलेजों में जब नया कोर्स शुरू किया जाना हो या कोई नई प्रक्रिया लागू होनी हो तो उससे पहले पीयू की इंस्पेक्शन टीम जाती है, जो कुछ कमियों पर आपत्तियां दायर करती है। इस कारण पूरे सालभर उस कोर्स का संचालन नहीं हो पाता। पिछले वर्षों में सीनेट की बैठक में गंभीर आरोप लगे भी।
यह भी कहा गया कि नया कॉलेज कोई खुलता है तो उसके भी मानक पूरे न होने पर उन्हें मान्यता मिल जाती है। इंफ्रास्ट्रक्चर भी उनके पास नहीं हो पाता है। इसके अलावा यह भी बात रखी गई थी कि कुछ कॉलेज मानक पूरे कर भी लेते हैं तो उन्हें मान्यता नहीं मिल पाती। इन सभी झंझटों को खत्म करने के लिए एक नई नीति बनेगी।
सूत्रों का कहना है कि उस नीति में यह बिंदु मुख्य होगा कि कॉलेजों का निरीक्षण तभी होगा, जब वह खुद यह कह देंगे कि उन्होंने मानक पूरे कर लिए हैं। मानकों की जांच के बाद ही आपत्तियां लगाई जा सकेंगी। नीति का कार्य एक कमेटी करेगी, जो मिल रहीं खामियों को दुरुस्त करेगी। साथ ही इस पर सुझाव भी लिए जा सकते हैं।
इन मानकों की होती है जांच
- कॉलेज के पास अपनी जमीन है या नहीं
- कॉलेज में भवनों की संख्या
- प्रशिक्षित स्टाफ है या नहीं
- खेल मैदान
- पुस्तकालय में किताबों की संख्या
- कॉलेज संचालन के लिए संसाधन
कॉलेजों में अगले सत्र से लागू हो सकता है सीबीसी सिस्टम
पंजाब विश्वविद्यालय अपने से जुड़े कॉलेजों में च्वाइस्ड बेस क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की तैयारी में है। नए शैक्षिक सत्र से यह योजना है। इस बीच आ रही बाधाओं को पीयू की सीनेट दूर करेगी। मनपसंदीदा विषय पढ़ने की छूट हर शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को मिल गई है।
पीयू ने अपने कैंपस में भी इसे लागू कर दिया है लेकिन अपने से जुड़े 200 कॉलेजों में लागू नहीं हो पाया, जबकि विद्यार्थियों की मांग लगातार जारी है। पीयू ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि कॉलेज ही रुचि नहीं दिखा रहे। यदि वह इस पर काम करते तो सीबीसीएस सिस्टम लागू हो जाता।
सूत्रों का कहना है कि पीयू नए शैक्षिक सत्र में कोई भी ढील बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। ऐसे में जितने लंबित मामले हैं, उनको पूरा करने की तैयारी में है। कॉलेजों पर भी दबाव बनाया जाएगा। कॉलेजों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। बाधाओं को दूर करके ही आगे बढ़ जाएगा। माना जा रहा है कि कॉलेज नए शैक्षिक सत्र से इस प्रक्रिया को लागू करेंगे। इससे विद्यार्थियों के सामने रोजगार आदि का संकट नहीं होगा। वह कई क्षेत्र में नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे।