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मंत्री जी के विरोध के बाद अनुपम खेर को सम्मानित करने का प्रस्ताव टला
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Sat, 20 Aug 2016 01:01 AM IST
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अनुपम खेर
- फोटो : file photo
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पीयू सिंडीकेट ने अनुपम खेर को कला रत्न, दलीप कौर टिवाणा को साहित्य रत्न और डॉ.पीडी गुप्ता को विज्ञान रत्न देने का प्रस्ताव टाल दिया है। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी समेत चार हस्तियों को डाक्टरेट की मानद उपाधि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति ने इन पुरस्कारों के लिए नाम तय करने हेतु सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा के कुलपति डॉ.एसएस जोहल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने स्थानीय सांसद किरण खेर के पति और अभिनेता अनुपम खेर को कला रत्न, पंजाबी की जानीमानी साहित्यकार दलीप कौर टिवाणा को साहित्य रत्न तथा इंदौर स्थित राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर डॉ.पीडी गुप्ता को विज्ञान रत्न देने के नाम सुझाए थे।
सूत्रों का कहना है कि वीसी अरुण ग्रोवर ने एक केंद्रीय मंत्री को तीनों नाम दिखाए। बताते हैं कि दलीप कौर टिवाणा का नाम देखते ही मंत्री नाराज हो गए। इसके पीछे पिछले साल टिवाणा का असहिष्णुता के मुद्दे पर पुरस्कार लौटाना था। शुक्रवार को यह प्रस्ताव सिंडीकेट की बैठक में लाया गया। लेकिन नामों पर विवाद की स्थिति को देखते हुए सिंडीकेट ने प्रस्ताव को टाल दिया।
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लेकिन सिंडीकेट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद प्रो.मुरली मनोहर जोशी, भारत में पैदा हुए जाने माने साइंटिस्ट डॉ.नरेंद्र सिंह कपानी, हरित क्रांति में अहम योगदान देने वाले डॉ.जेएस कुश और पंजाब यूनिवर्सिटी के एल्युमनी और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जगदीश सिंह खेर को डॉक्टरेट की मानद उपाधि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जानकारी अनुसार इन हस्तियों को अक्तूबर में पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के कन्वोकेशन में डिग्री से सम्मानित किया जा सकता है। पीयू प्रशासन ने पहले स्पेशल कन्वोकेशन आयोजित करने का भी प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी के कुलपति ने इन पुरस्कारों के लिए नाम तय करने हेतु सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब, बठिंडा के कुलपति डॉ.एसएस जोहल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने स्थानीय सांसद किरण खेर के पति और अभिनेता अनुपम खेर को कला रत्न, पंजाबी की जानीमानी साहित्यकार दलीप कौर टिवाणा को साहित्य रत्न तथा इंदौर स्थित राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर डॉ.पीडी गुप्ता को विज्ञान रत्न देने के नाम सुझाए थे।
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सूत्रों का कहना है कि वीसी अरुण ग्रोवर ने एक केंद्रीय मंत्री को तीनों नाम दिखाए। बताते हैं कि दलीप कौर टिवाणा का नाम देखते ही मंत्री नाराज हो गए। इसके पीछे पिछले साल टिवाणा का असहिष्णुता के मुद्दे पर पुरस्कार लौटाना था। शुक्रवार को यह प्रस्ताव सिंडीकेट की बैठक में लाया गया। लेकिन नामों पर विवाद की स्थिति को देखते हुए सिंडीकेट ने प्रस्ताव को टाल दिया।
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लेकिन सिंडीकेट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद प्रो.मुरली मनोहर जोशी, भारत में पैदा हुए जाने माने साइंटिस्ट डॉ.नरेंद्र सिंह कपानी, हरित क्रांति में अहम योगदान देने वाले डॉ.जेएस कुश और पंजाब यूनिवर्सिटी के एल्युमनी और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जगदीश सिंह खेर को डॉक्टरेट की मानद उपाधि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जानकारी अनुसार इन हस्तियों को अक्तूबर में पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के कन्वोकेशन में डिग्री से सम्मानित किया जा सकता है। पीयू प्रशासन ने पहले स्पेशल कन्वोकेशन आयोजित करने का भी प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।