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बीमा कंपनी देगी मुआवजा समेत क्लेम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 20 Mar 2014 04:10 PM IST
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बीमा क्लेम न देने पर उपभोक्ता फोरम ने सेवा में कोताही का दोषी मानते हुए बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये बीमा क्लेम, 15 हजार रुपये मुआवजा और साढ़े सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। यह निर्देश उपभोक्ता फोरम-1 के अध्यक्ष पीएल आहूजा, सदस्य रजिंदर सिंह गिल और सुरजीत कौर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया है।
शिकायतकर्ता रूही शर्मा निवासी सेक्टर-40 ने द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड सेक्टर-17 ए के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने फोरम को शिकायत में कहा कि उनके पिता बीमा कंपनी से दो लाख रुपये की हैप्पी फैमिली फ्लोटर पॉलिसी ली। इसकी अवधि 12 फरवरी 2011 से 11 फरवरी 2012 थी। इसके लिए 7787 रुपये प्रीमियम चेक के माध्यम से अदा कर दिया। शिकायतकर्ता के पिता पूर्णरूप से स्वास्थ्य थे। वे किसी भी प्रकार की बीमारी से पीड़ित नहीं थे। 28 नवंबर को छाती में दर्द हुआ।
उन्हें इलाज के लिए पीजीआई में दाखिल कराया गया। इलाज के दौरान ही 6 दिसंबर 2011 को उनकी मौत हो गई। कुछ समय के बाद उनकी मां की भी मौत हो गई। उनके पिता की बीमारी के इलाज पर तीन लाख 23 हजार 980 रुपये खर्च हुए।
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बीमा कंपनी को क्लेम के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज दिए गए लेकिन कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। उधर बीमा कंपनी ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।
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शिकायतकर्ता रूही शर्मा निवासी सेक्टर-40 ने द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड सेक्टर-17 ए के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने फोरम को शिकायत में कहा कि उनके पिता बीमा कंपनी से दो लाख रुपये की हैप्पी फैमिली फ्लोटर पॉलिसी ली। इसकी अवधि 12 फरवरी 2011 से 11 फरवरी 2012 थी। इसके लिए 7787 रुपये प्रीमियम चेक के माध्यम से अदा कर दिया। शिकायतकर्ता के पिता पूर्णरूप से स्वास्थ्य थे। वे किसी भी प्रकार की बीमारी से पीड़ित नहीं थे। 28 नवंबर को छाती में दर्द हुआ।
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उन्हें इलाज के लिए पीजीआई में दाखिल कराया गया। इलाज के दौरान ही 6 दिसंबर 2011 को उनकी मौत हो गई। कुछ समय के बाद उनकी मां की भी मौत हो गई। उनके पिता की बीमारी के इलाज पर तीन लाख 23 हजार 980 रुपये खर्च हुए।
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बीमा कंपनी को क्लेम के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज दिए गए लेकिन कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। उधर बीमा कंपनी ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं बरती।