फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   panchkula steel furniture industry condition review

स्टील फर्चीनर पर मंदी की मार, सरकार से मदद की दरकार

Mon, 30 Nov 2015 12:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Mon, 30 Nov 2015 12:33 PM IST
विज्ञापन
panchkula steel furniture industry  condition review

सुविधाओं के अभाव और मंदी की मार से स्टील फर्नीचर इंडस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित है। अन्य उद्योगों की तरह इस इंडस्ट्री पर बिजली के बढ़े दाम भारी पड़ रहे हैं। उद्योगपतियों की डिमांड सिर्फ बिजली के दाम घटाने भर तक की नहीं है। इनकी मानें तो पंचकूला की इंडस्ट्री तमाम असुविधाओं से त्रस्त है।

विज्ञापन


एक इंडस्ट्री हब में जो सुविधाएं होनी चाहिए उससे पंचकूला इंडस्ट्री एरिया वंचित है। इसी के चलते उद्योगों की रफ्तार न केवल बेहद धीमी पड़ चुकी है। बल्कि उद्योगों को सही ढंग से पटरी पर लाने के लिए सबसे पहले उन छोटी-छोटी डिमांड को पूरा करना होगा। जिनके दम पर किसी भी औद्योगिक क्षेत्र और इसमें संचालित लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों का विकास हो सकता है।
विज्ञापन


मार्केट में नहीं हैं खरीदार : ओसवाल
स्टील फर्नीचर उद्योग से जुड़े उद्योगपति विनोद कुमार ओसवाल के मुताबिक के मार्केट में खरीददार नहीं है। मंदी के इस दौर में निर्माण कार्य ठप पड़े हैं। जिसकी वजह से बायर नहीं है। ओसवाल के मुताबिक स्टील फर्नीचर इंडस्ट्री की पंचकूला में छोटी और मध्यम श्रेणी की तकरीबन दो दर्जन से अधिक यूनिट हैं। ये सभी मंदी की मार झेल रही हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्माण और ट्रेड का बंधन हटे: जैन
उद्योगपति विमर्श जैन के मुताबिक पंचकूला की इंडस्ट्री को ऑक्सीजन देने के लिए अब जरूरत आन पड़ी है कि यहां के औद्योगिक क्षेत्र में फ्री ट्रेड पॉलिसी होनी चाहिए। यूनिट में निर्माण और ट्रेड के बंधन को मुक्त कर ऐसा किया जा सकता है। वहीं छोटे प्लाटों पर तीन मंजिला निर्माण करने की अनुमति हुडा को देनी चाहिए।  

ये हालात इंडस्ट्री के लिए सही नहीं
पंचकूला इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव राकेश गर्ग के मुताबिक वर्तमान हालात इंडस्ट्री के माकूल नहीं है। मंदी की मार झेल रही इंडस्ट्री इस समय बिजली के बढ़े दाम से दोहरी मार झेल रही है। उद्योगपति 10 रुपये से अधिक दाम पर प्रति यूनिट बिजली खरीद कर रहे हैं। सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं है। अन्य मूलभूत सुविधाओं पर अगर गौर किया जाए, तो उनकी हालत बेहद लचर है।


30 से अधिक यूनिट और 100 करोड़ टर्नओवर
लोहे की अलमारी, सेफ और लोहे के फर्नीचर बनाने की करीब 30 से अधिक यूनिटें पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र में है। जिसका अनुमानित टर्नओवर करीब 100 करोड़ से अधिक है। पिछले वर्षों में स्टील फर्नीचर की कुछ इंडस्ट्री बंद हो चुकी हैं। अन्य उद्योगपतियों की तरह इस इंडस्ट्री को चलाने वाले भी सरकारी आयोजनों के दौरान अपनी डिमांड रख चुके हैं। लेकिन सरकार की ओर से राहत की खबर का इन्हें अभी भी इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed