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दो लोगों की जान बचाने वाले के साथ पुलिस ने कर दी ऐसी हरकत, मानवता शर्मसार

Thu, 12 Apr 2018 03:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Thu, 12 Apr 2018 03:55 PM IST
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panchkula police filed fir against man who saved two people life
criminal
दो लोगों की जान बचाई थी, लेकिन पुलिस वालों ने उसके साथ ही ऐसी हरकत कर दी कि लगता है इंसानियत नाम की चीज ही नहीं बची। मामला हरियाणा के पंचकूला का है। तेज रफ्तार कार की चपेट में आकर घायल दो लोगों की जान बचाने वाले अशोक कुमार (51) के खिलाफ डॉक्टर की शिकायत पर ड्यूटी में बाधा डालने और बदतमीजी करने का मामला दर्ज किया गया। जमानत पर चल रहे अशोक का अब यही सवाल है कि क्या किसी को मौत के मुंह से बचाना गुनाह है।
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इस सवाल का जवाब किसी के पास हो न हो, अशोक कुमार ने मामले में प्रधानमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और हरियाणा के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि डॉक्टर के पति चंडीगढ़ प्रशासन में एक अधिकारी हैं, जिनके रसूख का इस्तेमाल कर उन पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई है। दोनों घायलों को आठ मार्च की रात करीब 12.30 बजे सिविल अस्पताल पहुंचाया गया था।
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मौके पर मौजूद अस्पताल कर्मियों से अशोक कुमार ने एक अन्य मरीज के बारे में पूछताछ की, जो लहूलुहान हाल में जमीन पर पड़ा हुआ था। उन्होंने उक्त मरीज को भी तुरंत इलाज देने को कहा। इस दौरान नीचे मौजूद व्यक्ति की जेब से काफी रुपये गिर गए, जिसे देखकर अशोक कुमार ने रुपये संभालने को कहा। इस दौरान अशोक मोबाइल से विडियो भी बना रहे थे, जिस पर अस्पताल कर्मी ने ऐतराज जताया। थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंची डॉक्टर ने इस मामले की पुलिस में लिखित शिकायत दे दी, जिसमें अशोक कुमार पर काम में बाधा डालने और बदतमीजी का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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एफआईआर की कॉपी भी साइट पर नहीं दी गई

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अशोक कुमार फिलहाल जमानत पर हैं। उनका कहना है कि अस्पताल की खस्ताहाल व्यवस्था को देखकर हादसे के शिकार 56 वर्षीय गिरिजा शंकर और उनके भतीजे बृजेश का जल्द से जल्द इलाज करने को कहना क्या अपराध है। क्या घायल दोनों लोगों की मदद करना गुनाह है। हालांकि पुलिस में दर्ज इस एफआईआर की कॉपी भी साइट पर नहीं दी गई है।

मौलीजागरां में भाई के साथ रहते हैं गिरिजा शंकर
अशोक कुमार ने बताया कि गिरिजा शंकर को बाद में जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया गया। जहां उनके पैर की सर्जरी के बाद रॉड भी डाली गई। गिरिजा शंकर के एक भाई भी हैं और दोनों भाईयों ने शादी नहीं की है। गिरिजा शंकर अपने 70 वर्षीय भाई के साथ मौलीजागरां में रहते हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों बुजुर्गों के लिए खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि गिरिजा शंकर ही खाना बनाते हैं।

कार चालक को कर लिया गया था गिरफ्तार
8 मार्च की देर रात को सेक्टर-8/9 के लाइट प्वाइंट पर कार की चपेट में आकर जख्मी हुए दो लोगों को अशोक कुमार ने अस्पताल तक पहुंचाने में मदद की। अशोक कुमार ने बताया कि घटना के वक्त वहां मौजूद युवकों ने कार चालक को पकड़ लिया, जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया।
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