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पकडे़ गए ट्रकों में मिला अनाज निकला सरकारी, तीन पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला, रायपुररानी(पंचकूला)
Updated Sun, 15 Jan 2017 12:41 AM IST
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- फोटो : File Photo
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दो ट्रकों में मिले 850 बोरी सरकारी अनाज खुर्द-बुर्द करने के आरोप में पुलिस ने सरकारी ठेकेदार सहित तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार रायपुररानी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 11 जनवरी को यमुनानगर से चंडीगढ़ जा रहे अनाज से भरे दो ट्रकों को नाकाबंदी कर रायपुररानी के नजदीक रोका था और शक की बिनाह पर ट्रकों को पुलिस ने थाने में ले जाकर इसमें लोड गेहूं, जिस पर देश व प्रदेश सरकार की स्टंप होने बारे में जांच शुरू की थी। पुलिस की ओर से मौके पर बुलाए फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने गेहूं की जांच कर बताया कि बिना किसी ठोस प्रमाण के यह कहना मुश्किल है कि ये गेहूं सरकारी है या गैर सरकारी। इस बारे में जहां से अनाज आया है वहीं से कुछ पता चल सकता है।
इसके बाद पुलिस ने यमुनानगर के बिलासपुर पहुंचकर जांच शुरू की। दो दिन गहनता से चली जांच में सामने आया कि दोनों ट्रक हैफेड के गोदाम से साढौरा व कुराली डिपो पर गेहूं वितरण के लिए लोड हुए थे। लेकिन गेहूं वितरण करने वाले ठेकेदार विकास ने ट्रक चालक जंगशेर उर्फ जग्गी निवासी फैजपुर व ताज मोहम्मद उर्फ ताजु निवासी खिजरी के साथ मिलकर दोनों ट्रकों को चंडीगढ़ फ्लोर मिल में बेचने के लिए भेज दिया।
जब पुलिस ने ट्रक के मालिकों को थाने में बुलाया तो उन्होंने कहा कि यह अनाज दिल्ली से खरीदा है। लेकिन कानफेड गोदाम के गेट पास मिलने पर पूरा केस ट्रेस हो गया और गोदाम के स्टोर कीपर ने भी इन ट्रकों में गेहूं हैफेड गोदाम से लोड होने की पुष्टि की। पुलिस ने ठेकेदार विकास व दोनों ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि मामले में फूड एंड सप्लाई विभाग यमुनानगर का कोई बड़ा अधिकारी भी शामिल हो सकता है।
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पुलिस के पहुंचने से पहले यमुनानगर में पहुंचाया कहीं और से गेहूं
रायपुररानी थाना प्रभारी वृषभान ने बताया कि गेहूं से भरा ट्रक पकड़ने के बाद ठेकेदार विकास ने गुमराह करने के इरादे से उन डिपो होल्डरों के पास आनन-फानन में कहीं ओर से गेहूं भिजवा दिया था। जहां से यह गेहूं खुर्दबुर्द करने के लिए चंडीगढ़ भेजा जा रहा था। लेकिन पुलिस ने गांव सढौरा, ठसका, पम्मुवाला, कुराली, श्यामपुर डिपो होल्डरों के रिकॉर्ड की भी जांच की तो मामला सामने आ गया।
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इसके बाद पुलिस ने यमुनानगर के बिलासपुर पहुंचकर जांच शुरू की। दो दिन गहनता से चली जांच में सामने आया कि दोनों ट्रक हैफेड के गोदाम से साढौरा व कुराली डिपो पर गेहूं वितरण के लिए लोड हुए थे। लेकिन गेहूं वितरण करने वाले ठेकेदार विकास ने ट्रक चालक जंगशेर उर्फ जग्गी निवासी फैजपुर व ताज मोहम्मद उर्फ ताजु निवासी खिजरी के साथ मिलकर दोनों ट्रकों को चंडीगढ़ फ्लोर मिल में बेचने के लिए भेज दिया।
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जब पुलिस ने ट्रक के मालिकों को थाने में बुलाया तो उन्होंने कहा कि यह अनाज दिल्ली से खरीदा है। लेकिन कानफेड गोदाम के गेट पास मिलने पर पूरा केस ट्रेस हो गया और गोदाम के स्टोर कीपर ने भी इन ट्रकों में गेहूं हैफेड गोदाम से लोड होने की पुष्टि की। पुलिस ने ठेकेदार विकास व दोनों ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि मामले में फूड एंड सप्लाई विभाग यमुनानगर का कोई बड़ा अधिकारी भी शामिल हो सकता है।
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पुलिस के पहुंचने से पहले यमुनानगर में पहुंचाया कहीं और से गेहूं
रायपुररानी थाना प्रभारी वृषभान ने बताया कि गेहूं से भरा ट्रक पकड़ने के बाद ठेकेदार विकास ने गुमराह करने के इरादे से उन डिपो होल्डरों के पास आनन-फानन में कहीं ओर से गेहूं भिजवा दिया था। जहां से यह गेहूं खुर्दबुर्द करने के लिए चंडीगढ़ भेजा जा रहा था। लेकिन पुलिस ने गांव सढौरा, ठसका, पम्मुवाला, कुराली, श्यामपुर डिपो होल्डरों के रिकॉर्ड की भी जांच की तो मामला सामने आ गया।