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देखिए, हरियाणा विधानसभा के स्वर्ण जयंती समारोह की बड़ी बातें

Fri, 04 Nov 2016 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Fri, 04 Nov 2016 01:25 AM IST
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Panchkula, Haryana Golden Jubilee, Panchkula inderdhanush Auditorium
हरियाणा विधानसभा का स्वर्ण जयंती सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
लोकतंत्र श्रेष्ठ शासन प्रणाली है। इसकी मजबूती के लिए राजनीतिक दलों को जरूर सोचना होगा। यह विचार हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी के हैं। वे वीरवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित हरियाणा विधानसभा के स्वर्ण जयंती समारोह में बोल रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि सभी दलों के लिए देश सर्वोपरि होना चाहिए। ऐसा होने पर ही देश सशक्त बनेगा। 
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राज्यपाल ने कहा कि देश तब गुलाम हुआ, जब राजा केवल अपनी चिंता करते थे, देश की नहीं। देश में आज तमाम राजनीतिक पार्टियां बन चुकी हैं। उन्हें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारत की ताकत बनना चाहिए। हरियाणा के स्वर्ण जयंती वर्ष का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने खुशी व्यक्त की। कहा कि एक साल बाद हरियाणा में किसी भी दिशा से प्रवेश करने वाले व्यक्ति को इसकी भव्य सांस्कृतिक विरासत के दर्शन होंगे। 
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में केंद्र सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ भाव की तरह ‘हरियाणा एक हरियाणवी एक’ नारा राज्य में प्रेम-प्यार व भाईचारे के नए अध्याय की शुरुआत करेगा। सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों का आह्वान किया कि अपने कर्त्तव्यों को निभाते हुए स्वर्ण जयंती के कार्यक्रमों को सफल बनाएं। 
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सीएम ने विपक्ष को दी नसीहत

Panchkula, Haryana Golden Jubilee, Panchkula inderdhanush Auditorium
हरियाणा विधानसभा का स्वर्ण जयंती सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा विधानसभा के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विपक्षी दलों के नेताओं को नसीहत दी। उन्होंने दलों का आह्वान करते हुए कहा कि एक वर्ष तक चलने वाले स्वर्ण जयंती वर्ष के कार्यक्रमों पर दल आधारित राजनीति न करें। यह कार्यक्रम दल व सरकार से ऊपर उठकर जनभागीदारी के जरिये हरियाणा एक-हरियाणावी एक की भावना को कायम रखने और प्रदेश के विकास के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। इसलिए सभी राजनीतिक दल इस मूलमंत्र के साथ प्रदेश के विकास में योगदान दें।

  वर्तमान व पूर्व सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है। राजनीति करने के लिए अभी बहुत समय बाकी है। अगले चुनाव से पहले दो वर्षों में राजनीति की जा सकती है। स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान पचास बड़ी घोषणाएं की जाएंगी, जिसमें से तेरह बड़ी घोषणाएं अभी तक की जा चुकी हैं। इनमें से छह घोषणाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आनलाइन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप गेहूं के मार्केट दरों में वृद्धि हुई है। खुले में शौच मुक्त हरियाणा के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
 

सम्मेलन का बहिष्कार करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी : बीरेंद्र

Panchkula, Haryana Golden Jubilee, Panchkula inderdhanush Auditorium
हरियाणा विधानसभा का स्वर्ण जयंती सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा विधानसभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह अलग ही अंदाज में नजर आए। वह न केवल मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समर्थन में खड़े दिखे, बल्कि आक्रामक रवैये के साथ सरकार की ढाल भी बने। 

उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि साल 1972 में पहला चुनाव लड़ा था, सभी दलों को करीब से देखा है। जो आज सम्मेलन का बहिष्कार कर चले गए, उन्हें उन्होंने समाज में जगह नहीं मिलेगी। वे हिसाब किससे मांग रहे हैं दो साल की सरकार से या पचास वर्षों तक रही सरकारों से। सम्मेलन का बहिष्कार करने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। प्रदेश के हितों के लिए सोच संकुचित नहीं होनी चाहिए। हरियाणा का अलग प्रदेश बनना कुदरत का वरदान है। इसके निर्माण में ढाई करोड़ जनता का योगदान है। नेताओं के बारे में इतना कहूंगा कि उन्होंने प्रदेश के विकास की गति रोकने की कोशिश की है, बढ़ाने की नहीं।

बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जब हरियाणा बना तो वह बीए फाइनल के छात्र थे, जो पंजाब कभी प्रदेश के गठन पर यह कहता था कि सेलरी भी दे पाओगे या नहीं। उसी ने आठ-नौ साल पहले उनके वित्त मंत्री रहते कर्मचारियों को वेतन देने के लिए दो हजार करोड़ रुपये कर्ज मांगा था। बीरेंद्र सिंह ने राज्यपाल, स्पीकर व मुख्यमंत्री को विधानसभा की बैठकें बढ़ाने, हरियाणा में इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर, कला केंद्र और संग्रहालय के निर्माण का सुझाव दिया। कहा कि अगर वह भी नेता प्रतिपक्ष होते तो बात वही कहते जो चौटाला ने कही, लेकिन सम्मेलन छोड़कर नहीं जाते।  
 

स्वर्ण जयंती सम्मेलन के दौरान इंद्र धनुष सभागार में हुई तीखी नोकझोंक

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हरियाणा विधानसभा का स्वर्ण जयंती सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
इंद्र धनुष ऑडिटोरियम में हरियाणा स्वर्ण जयंती सम्मेलन के तहत आयोजित कार्यक्रम में वीरवार को स्पीकर के सामने ही कलायत से निर्दलीय विधायक जयप्रकाश जेपी और पूर्व एमएलए रोशन लाल आपस में भिड़ गए।  

सभागार के मंच पर स्पीकर कंवर पाल गुर्जर अपनी सीट पर बैठे थे। उनके दाएं तरफ सीएम मनोहर लाल भी अपने मंत्रिमंडल के साथ बैठे थे। तबकि बाईं ओर डिप्टी स्पीकर संतोष यादव और विधानसभा सचिवालय के अधिकारी मौजूद रहे। स्वीकर के कहने पर जगाधरी के पूर्व एमएलए रोशन लाल आर्य ने बोलना शुरू किया। पहले तो उन्होंने सरकार के कसीदे कढ़े, उसके बाद इनेलो और कांग्रेस पर आक्रामक हो गए। 

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला और कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल का नाम लेकर जाट आरक्षण और आंदोलन के संदर्भ में इनेलो और कांग्रेस के पूर्व नेताओं पर टिप्पणी की। इस पर कलायत के निर्दलीय विधायक जयप्रकाश जेपी और कांग्रेस के पूर्व विधायक नरेश शर्मा ने स्पीकर से प्वाइंट ऑफ आर्डर लेते हुए आपत्ति जताई। नरेश शर्मा ने नाम लेकर टिप्पणी करने से मना किया, जबकि जेपी गुस्से में आ गए और उन्होंने रोशन लाल पर अभद्र टिप्पणी कर डाली। इस पर दोनों में जमकर नोकझोंक हुई। ऐसे में स्पीकर कवंर पाल गुर्जर को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने किसी प्रकार दोनों को शांत कराया।
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