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बड़ी राहतः इस डिस्पेंसरी में फ्री में कराएं पंचकर्म
दीपक शाही/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 27 Sep 2015 02:29 PM IST
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अब पंचकर्म के लिए चंडीगढ़ के लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में हजारों रुपये खर्च नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि यह सुविधा सेक्टर 28 के सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में बिल्कुल फ्री दी जा रही है। डिस्पेंसरी का उद्घाटन 13 अगस्त को एडवाइजर विजय कुमार देव ने किया था।
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उद्घाटन के समय निर्णय लिया गया था कि एक मरीज से पंचकर्म के लिए डेढ़ सौ रुपये चार्ज किया जाएगा। लेकिन प्रशासन ने अब इसे बिल्कुल फ्री कर दिया है। शहर की मात्र ऐसी सरकारी डिस्पेंसरी है जहां पंचकर्म की फ्री सुविधा मुहैया कराई जाती है। यहां रोजाना 70-80 मरीजों की ओपीडी है। डिस्पेंसरी में सबसे ज्यादा जोड़ों के दर्द के मरीज आ रहे हैं।
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पंचकर्म के लिए ढाई माह की वेटिंग
डिस्पेंसरी में मरीजों की तुलना में फिलहाल स्टाफ कम है। इसके चलते पंचकर्म के लिए ढाई माह की वेटिंग पर मरीजों को रखा गया है। रोजाना डिस्पेंसरी में 14 लोगों का पंचकर्म से ट्रीटमेंट हो रहा है। अभी फिलहाल 700 मरीजों की वेटिंग है। यह सुविधा फ्री मिलने के चलते यहां पूरे ट्राइसिटी भर से लोग आते हैं।
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इन सुविधाओं का लाभ मरीजों को मिलता है। पूर्व कर्म के तहत स्नेहन और स्वेदन किया जाता है। स्नेहन में मेडिसिन युक्त तेल से मसाज कराते हैं और स्वेदन में पसीने के माध्यम से शरीर के विकार को दूर कि या जाता है।
प्रधान कर्म- इस पद्धति में अनेक प्रतिक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
वमन- पंचकर्म का पहला कर्म वमन है। कफ प्रधान रोगों को वमन करने वाली औषधियां देकर वमन करवाकर ठीक किया जाता है।
विरेचन- पित्त दोष विरेचन औषधियों के द्वारा विरेचन करवा कर ठीक किया जाता है।
बस्ति - वात दोष को बाहर करने के लिए ये विधि अपनाई जाती है। इसमें गुदा के द्वारा वस्तियंत्र से औषधि को अंदर प्रवेश कराकर बाहर निकाला जाता है।
नस्य- इस चिकित्सा में नाक के छिद्रों से औषधि अंदर डालकर कंठ तथा सिर के दोषों को दूर किया जाता है।
डिस्पेंसरी में पंचकर्म की सुविधा मरीजों को फ्री में दी जाती है। अभी पंचकर्म के लिए ढाई माह की वेटिंग है। रहा सवाल स्टाफ का तो प्रशासन को लिखा गया है। जल्द ही स्टाफ की भर्ती की जाएगी।
- डॉ. राजीव कपिला, सीनियर आयुर्वेदिक फिजिशियन, सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी एवं पंचकर्म केंद्र, सेक्टर 28 चंडीगढ़