किसान आंदोलन के समर्थन में उतरीं पंजाब की पंचायतें, संगरूर में वकीलों का प्रदर्शन
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पंजाब की 13 हजार पंचायतों ने किसान आंदोलन में कूदने का फैसला किया है। जिसके चलते शुक्रवार को प्रदेश के करीब 3500 पंचायत सदस्य आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली की तरफ कूच करेंगे।
पंजाब सरपंच यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष गुरमीत सिंह गुणीया माजरा ने कहा कि पूरे पंजाब के साथ-साथ उनके संगठन ने भी एलान किया है कि वह किसानों के पक्ष में आएंगे और आंदोलन में अपनी भूमिका निभाएंगे।
पंजाब के माझा, मालवा और दोआबा में पंचायतों के 35 हजार के करीब सदस्य हैं। बैठक के बाद उन्होंने किसानों के समर्थन में दिल्ली जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब के नौजवान, बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे आंदोलन में कूद चुके हैं तो वह पीछे कैसे रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर को यूनियन के सदस्य अपने वाहनों से दिल्ली जाएंगे और किसानों के संघर्ष में शामिल होंगे।
संगरूर: किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे वकील
किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए गुरुवार को जिला बार एसोसिएशन संगरूर के नेतृत्व में वकीलों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि किसान विरोधी इन कानूनों को तुरंत वापस लिया जाए।
बड़ा चौक पर वकीलों की तरफ से लगाए रोष धरने को संबोधित करते हुए सीनियर एडवोकेट दसवीर सिंह डल्ली ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र प्रणाली से बाहर निकलकर किसानों पर ऐसे कानून थोपकर उनके साथ सरासर धक्केशाही कर रही है।
केंद्र के काले कानूनों से केवल किसान ही नहीं, बल्कि अन्य वर्ग भी बुरी तरह से प्रभावित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान सरकारों द्वारा दर्ज हुए हर तरह के केस वह मुफ्त में लड़ेंगे।
जालंधर में मोमबत्ती मार्च आज
पंजाब जागृति मंच की तरफ से किसान आंदोलन के समर्थन में मोमबत्ती मार्च शुक्रवार को निकाला जाएगा। यह जानकारी देते हुए मंच के प्रधान सतनाम सिंह मानक और महासचिव दीपक बाली ने कहा कि मोमबत्ती मार्च शाम 5:30 बजे पंजाब प्रेस क्लब से शुरू किया। दीपक बाली ने शहर निवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसान इस समय देशहित की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि वे कुछ कदम उनके समर्थन में चलें।
अबोहर में किसानों के समर्थन में रोष मार्च
किसान मजदूर मुलाजिम संघर्ष कमेटी ने गुरुवार को दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में बस स्टैंड के समक्ष धरना लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद यूनियन सदस्यों ने बाइक पर सवार होकर रोष मार्च निकाला। धरने को संबोधित करते हुए कुलवंत कीर्ति ने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता संभालते ही लोक विरोधी फैसले लेने शुरू कर दिए।
सबसे पहले नोटबंदी, जीएसटी और इसके बाद नागरिकता संशोधन कानून पास किया। जिसका देशभर में जमकर विरोध हुआ था। अब मोदी सरकार ने कृषि कानून लागू कर देश के किसानों को तबाह करने की तैयारी की है। उन्होंने एलान किया कि अगर सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो धरना-प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
गुरदासपुर: किसानों के समर्थन में निकाला मशाल मार्च
पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन डेमोक्रेटिक फेडरेशन, आशा वर्कर, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट व फेसिलिटेटर्ज यूनियन व निर्मित मिस्त्री मजदूर यूनियन ने कृषि कानून वापस करवाने के लिए दिल्ली में किए जा रहे संघर्ष की हिमायत में नेहरू पार्क से मशाल मार्च निकाला। मार्च में विद्यार्थियों, मुलाजिमों, मजदूरों और महिलाओं ने भी शिरकत की।