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Chandigarh News: पंचायती राज संस्थाएं अब बिना टेंडर के 21 लाख रुपए तक के विकास कार्य करवा सकेंगे
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मुख्यमंत्री नायब सिंह की घोषणा हुई पूरी, पंचायत विभाग ने जारी किए निर्देश
चंडीगढ़। हरियाणा में अब सरपंच बिना ई-टेंडरिंग के 21 लाख रुपये के कार्य करवा सकेंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दो जुलाई को की थी। इस संबंध में अब पंचायत विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं।
पंचायती राज संस्थाओं को नए सिरे से जारी निर्देशों में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष के दौरान अब ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद की ओर से 21 लाख रुपये तक की अनुमानित लागत के विकास कार्य उनके पास उपलब्ध कुल ग्राम निधि या समिति निधि या जिला परिषद निधि में से बिना टेंडर प्रक्रिया के करवाए जा सकते हैं। इसके अलावा अब सरकार ने कुल ग्राम निधि या समिति निधि या जिला परिषद निधि की आधे से अधिक राशि को अनुमति के साथ खर्च करने की शर्त को भी खत्म कर दिया है। ऐसे में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद उनके पास उपलब्ध कुल ग्राम निधि या समिति निधि या जिला परिषद निधि को अपने अनुसार विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगी।
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चंडीगढ़। हरियाणा में अब सरपंच बिना ई-टेंडरिंग के 21 लाख रुपये के कार्य करवा सकेंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दो जुलाई को की थी। इस संबंध में अब पंचायत विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं।
पंचायती राज संस्थाओं को नए सिरे से जारी निर्देशों में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष के दौरान अब ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद की ओर से 21 लाख रुपये तक की अनुमानित लागत के विकास कार्य उनके पास उपलब्ध कुल ग्राम निधि या समिति निधि या जिला परिषद निधि में से बिना टेंडर प्रक्रिया के करवाए जा सकते हैं। इसके अलावा अब सरकार ने कुल ग्राम निधि या समिति निधि या जिला परिषद निधि की आधे से अधिक राशि को अनुमति के साथ खर्च करने की शर्त को भी खत्म कर दिया है। ऐसे में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद उनके पास उपलब्ध कुल ग्राम निधि या समिति निधि या जिला परिषद निधि को अपने अनुसार विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगी।
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