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पंचायतों की जमीनें उद्योगों के लिए दी जाएंगी : विपुल गोयल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:34 AM IST
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हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल
- फोटो : Amar ujala
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हरियाणा में औद्योगिक क्रांति लाने के उद्देश्य से राज्य के उद्योग मंत्री विपुल गोयल इन दिनों एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसमें उन्हें काफी कामयाबी
भी मिली है। बुधवार को उद्योग मंत्री ‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उद्योग मंत्री की अमर उजाला की संपादकीय टीम के साथ हुई बातचीत के प्रमुख
अंश।
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भी मिली है। बुधवार को उद्योग मंत्री ‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उद्योग मंत्री की अमर उजाला की संपादकीय टीम के साथ हुई बातचीत के प्रमुख
अंश।
'निवेशकों को ‘ईज इन इंडस्ट्री’ का माहौल देने का प्रयास'
हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल
- फोटो : Amar ujala
सवाल : नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए हरियाणा सरकार क्या कदम उठा रही है?
जवाब : हरियाणा में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए सरकार निवेशकों को ‘ईज इन इंडस्ट्री’ का माहौल देने का प्रयास कर रही है। इस क्रम में सरकार ने सिंगल
विंडो सिस्टम के जरिए नई यूनिट लगाने वालों को एक ही स्थान पर तमाम औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा उपलब्ध करवाई है। इसके अलावा औद्योगिक
प्लाट, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। सरकार ने गांवों को भी औद्योगिक क्रांति में हिस्सेदार बनाने के लिए पंचायत की जमीनें
उद्योगों को देने की अनुमति दे दी है। यूनिट लगाने वाली कंपनी को इसके लिए पंचायत के बेरोजगार युवाओं को रोजगार की सुविधा मुहैया करवानी होगी।
जवाब : हरियाणा में औद्योगिक क्रांति लाने के लिए सरकार निवेशकों को ‘ईज इन इंडस्ट्री’ का माहौल देने का प्रयास कर रही है। इस क्रम में सरकार ने सिंगल
विंडो सिस्टम के जरिए नई यूनिट लगाने वालों को एक ही स्थान पर तमाम औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा उपलब्ध करवाई है। इसके अलावा औद्योगिक
प्लाट, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। सरकार ने गांवों को भी औद्योगिक क्रांति में हिस्सेदार बनाने के लिए पंचायत की जमीनें
उद्योगों को देने की अनुमति दे दी है। यूनिट लगाने वाली कंपनी को इसके लिए पंचायत के बेरोजगार युवाओं को रोजगार की सुविधा मुहैया करवानी होगी।
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'प्रदेश में भारी निवेश आने की संभावना'
हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल
- फोटो : Amar ujala
सवाल : पंजाब की तर्ज पर विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए कोई प्रयास किए जा रहे हैं?
जवाब : पिछले दिनों काफी निवेश आया है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री और कुछ अन्य मंत्री विदेशी दौरे पर जा रहे हैं। इसमें भी भारी निवेश आने की संभावना
है।
जवाब : पिछले दिनों काफी निवेश आया है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री और कुछ अन्य मंत्री विदेशी दौरे पर जा रहे हैं। इसमें भी भारी निवेश आने की संभावना
है।
' पड़ोसी राज्यों के मुकाबले हरियाणा ज्यादा सुरक्षित'
हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल
- फोटो : Amar ujala
सवाल : जाट आंदोलन से हरियाणा का औद्योगिक विकास कितना प्रभावित हुआ?
जवाब : जाट आंदोलन के बाद ही औद्योगिक विकास में तेजी आई है। 112 देशों के तीन हजार प्रतिनिधि विशेष समारोह में पहुंचे और 5.86 लाख करोड़ रुपये
के निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इनमें 70 फीसदी पर बकायदा काम भी शुरू हो चुका है। पड़ोसी राज्यों के मुकाबले हरियाणा में उद्योगों के लिए ज्यादा
सुरक्षित माहौल है। आने वाले समय में और निवेश बढ़ने की संभावना है। भले वह अपने ही देश के निवेशक हो या एनआरआई और विदेशी हों।
जवाब : जाट आंदोलन के बाद ही औद्योगिक विकास में तेजी आई है। 112 देशों के तीन हजार प्रतिनिधि विशेष समारोह में पहुंचे और 5.86 लाख करोड़ रुपये
के निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इनमें 70 फीसदी पर बकायदा काम भी शुरू हो चुका है। पड़ोसी राज्यों के मुकाबले हरियाणा में उद्योगों के लिए ज्यादा
सुरक्षित माहौल है। आने वाले समय में और निवेश बढ़ने की संभावना है। भले वह अपने ही देश के निवेशक हो या एनआरआई और विदेशी हों।
'प्रदेश में उद्योग बढ़ाने की सरकार कर रही हर संभव कोशिश'
हरियाणा के उद्योग मंत्री विपुल गोयल
- फोटो : Amar ujala
सवाल : नई यूनिटों के लिए सरकार रियायतें दे रही हैं, लेकिन पुराने और बीमार उद्योगों के लिए कुछ नहीं किया जा रहा?
जवाब : पुरानी और बीमार यूनिटों के लिए भी सरकार ने नई नीति तैयार की है। हरियाणा के तमाम जिलों में स्थित ऐसे उद्योगों का सर्वे करवाया जा रहा है। उनकी
वास्तविक स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। सर्वे के बाद इन उद्योगों के उत्थान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा यदि कोई पुरानी या
बीमार यूनिट किसी बड़े औद्योगिक घराने के साथ मिलकर कोई एक्सटेंशन करती है तो उनका स्वागत होगा। उन्हें सरकार हर तरह से मदद देगी।
जवाब : पुरानी और बीमार यूनिटों के लिए भी सरकार ने नई नीति तैयार की है। हरियाणा के तमाम जिलों में स्थित ऐसे उद्योगों का सर्वे करवाया जा रहा है। उनकी
वास्तविक स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। सर्वे के बाद इन उद्योगों के उत्थान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा यदि कोई पुरानी या
बीमार यूनिट किसी बड़े औद्योगिक घराने के साथ मिलकर कोई एक्सटेंशन करती है तो उनका स्वागत होगा। उन्हें सरकार हर तरह से मदद देगी।