नई मिसाल: यहां महिलाओं ने घूंघट को कहा अलविदा
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अखिल भारतीय बेरवाल भाईचारा खाप का दूसरा वार्षिक सम्मेलन सिरटा रोड स्थित बेरवाल कालोनी में रविवार को हुआ। सम्मेलन में गोत्र की प्रतिभावान विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही पर्दा प्रथा को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
एडवोकेट नफे सिंह ने सम्मेलन समाप्ति पर सभी का आभार व्यक्त किया। साथ ही ऐलान किया कि गोत्र का अगला वार्षिक सम्मेलन 24 मार्च 2016 को राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ के गांव सेरड़ा में होगा। सम्मेलन की अध्यक्षता खाप के प्रधान शमशेर सिंह सोरखी ने की।
सेवानिवृत्त अधीक्षक अभियंता रामदिया ने सभी प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। सूबेदार धर्म सिंह ने पर्दा प्रथा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। महम खेड़ी के अजीत सिंह बेरवाल ने कहा कि हमें सामाजिक बुराइयों की समाप्ति के लिए आगे आना चाहिए।
पंचायत में ये प्रस्ताव हुए पारित
1. कन्या भ्रूण हत्या निंदनीय है। बेरवाल गोत्र का जो भी व्यक्ति इसका दोषी पाया जाता है, उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। जिस भी दंपति के एक या दो बेटियां होंगी, उसे सम्मानित किया जाएगा।
2. लड़कियों को अच्छी शिक्षा देने का संकल्प।
3. शादी में डीजे बजाने एवं दहेज लेने पर प्रतिबंध।
4. सम्मेलन में मृत्यु भोज को महत्वहीन करार देते हुए जीवित माता-पिता की सेवा का प्रण।
5. दादी के गोत्र में शादी करने पर फैसला। सर्वखाप पंचायत के निर्णय का पालन किया जाएगा। नफे सिंह बेरवाल ने बताया कि दादी के गोत्र में शादी करना लोगों की इच्छा पर छोड़ा।
खजान सिंह कसान ने डीजे, पर्दा प्रथा जैसी बुराईयों पर प्रतिबंध का आह्वान किया। सम्मेलन में सिंसर से आए कर्नल रणबीर सिंह, चेतराम बांसला, खिदड़ गांव से जोगेंद्र, दिलावर सिंह बेरवाल, बिल्लू चंदाना सहित कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया।