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सेल्यूटः बीमार पिता को लेकर पाकिस्तान से इंडिया आई बेटी, डोनेट करेगी लीवर
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Fri, 03 Mar 2017 09:25 AM IST
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लीवर डोनेट
- फोटो : Demo pic
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बेटी हो तो ऐसी। बीमार पिता के लिए पाकिस्तान से चली आई और अब वह उन्हें लीवर डोनेट करेगी। कहानी बड़ी दिलचस्प है, पढ़कर बेटी को सेल्यूट करेंगे। मामला पंजाब के अमृतसर का है।
बुधवार को अटारी बॉर्डर पर वाया ट्रेन एक लड़की अपने पिता को लेकर पहुंची। उसकी मां भी साथ थी। वहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उसने अपनी कहानी सुनाई। पता चला है कि लड़की कर राबिया है और वह अपने पिता अरशद मोहम्मद (66) का इलाज कराने के लिए आई है।
उसके पिता कई सालों से लीवर की बीमारी से पीड़ित हैं। पाकिस्तान में डॉक्टरों ने उसे लीवर ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया। इसके लिए ही वे उन्हें लेकर इंडिया आई हैं। राबिया ने बताया कि वह पिता को लीवर डोनेट करेगी।
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बुधवार को अटारी बॉर्डर पर वाया ट्रेन एक लड़की अपने पिता को लेकर पहुंची। उसकी मां भी साथ थी। वहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए उसने अपनी कहानी सुनाई। पता चला है कि लड़की कर राबिया है और वह अपने पिता अरशद मोहम्मद (66) का इलाज कराने के लिए आई है।
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उसके पिता कई सालों से लीवर की बीमारी से पीड़ित हैं। पाकिस्तान में डॉक्टरों ने उसे लीवर ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया। इसके लिए ही वे उन्हें लेकर इंडिया आई हैं। राबिया ने बताया कि वह पिता को लीवर डोनेट करेगी।
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दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में होगा इलाज
लीवर डोनेट
राबिया ने पत्रकारों को बताया कि वह अपने पिता की लंबी उम्र की दुआ मांगती है। आप लोग भी दुआ कीजिए, बड़ी उम्मीद के साथ वे उन्हें लेकर इंडिया आई है। राबिया ने बताया कि उसके पिता लाहौर में प्रॉपर्टी डीलर हैं।
जब डॉक्टर ने लीवर ट्रांसप्लांट की बात की तो ब्लड ग्रुप मैच कराया गया, जो राबिया से मिल गया। उसके बाद राबिया ने पिता को लीवर डोनेट करने की इच्छा जताई। पहले तो परिवार वाले राजी नहीं हुई, लेकिन राबिया की जिद के आगे वे झुक गए।
डॉक्टरों ने राबिया का चैकअप किया तो लीवर का बिल्कुल ठीक पाया। बुधवार को जब वह अटारी बॉर्डर पहुंची तो अस्पताल की एंबुलेंस भी पहुंच गई। बता करते करते वह भावुक हो गई थी। उसके बाद पिता की लंबी उम्र की कामना लेकर वह पिता के साथ दिल्ली के रवाना हो गई।
जब डॉक्टर ने लीवर ट्रांसप्लांट की बात की तो ब्लड ग्रुप मैच कराया गया, जो राबिया से मिल गया। उसके बाद राबिया ने पिता को लीवर डोनेट करने की इच्छा जताई। पहले तो परिवार वाले राजी नहीं हुई, लेकिन राबिया की जिद के आगे वे झुक गए।
डॉक्टरों ने राबिया का चैकअप किया तो लीवर का बिल्कुल ठीक पाया। बुधवार को जब वह अटारी बॉर्डर पहुंची तो अस्पताल की एंबुलेंस भी पहुंच गई। बता करते करते वह भावुक हो गई थी। उसके बाद पिता की लंबी उम्र की कामना लेकर वह पिता के साथ दिल्ली के रवाना हो गई।