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पाकिस्तान से आए कलाकार बोले, मोहब्बत ‘पाक’ हो और पड़ोसी ‘शरीफ’ हो
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 16 Mar 2017 05:28 PM IST
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अमृतसर में पाकिस्तानी कलाकार
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बंटवारा जमीनों का होता है, मोहब्बत का नहीं। भारत-पाकिस्तान दोनों मुल्क भले ही 70 वर्ष पहले बंट गए, लेकिन दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के लिए मोहब्बत दिलों में धड़क रही है। कई ऐसे परिवार हैं जो बंटवारे में बंटकर एक-दूसरे मुल्कों में जा बसे। दोनों देशों के बीच अवाम मोहब्बत चाहती है। ऐसे में दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत ‘पाक’ हो, पड़ोसी ‘शरीफ’ हो तभी व्यापार बढ़ेगा।
यह कहना है पाकिस्तान से आए ऐसे कलाकारों का जिनके पूर्वज बंटवारे में बंटे थे। दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत का पैगाम बांटने के लिए ‘इंडो-पाक थियेटर फार पीस फेस्टिवल -2017’ के तत्वाधान में पाकिस्तान के अजोका थियेटर के 26 कलाकारों का दल भारत आया है। तल्हा अख्तर लाहौर का रहने वाला है। दादा अल्लाह दित्ता जोधपुर के थे और दादी फातिमा बीबी अमृतसर की। बंटवारे में उनका परिवार फैसलाबाद चला गया।
तल्हा अख्तर पाकिस्तानी टीवी के छोटी उम्र में बड़े कलाकार बने। अब तक सौ से अधिक नाटक दुनिया भर में अजोका थियेटर के साथ मिलकर कर चुके हैं। कहते हैं कि दोनों मुल्कों के बीच सियासत ही सबसे बड़ा नफरत फैलाने का काम करते हैं। चाहत है कि दोनों मुल्कों के बीच वीजा प्रणाली सरल हो। तल्हा अख्तर को यह नही पता कि अमृतसर में कहां पर उनके दादा रहते थे, लेकिन अमृतसर की धरती को चूम कर बार्डर पर कदम रखा।
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नायाब खूबसूरत पाकिस्तान की टीवी की बेहतरीन अदाकारा है। 22 बसंत देख चुकी नायाब कहती है कि दादा जालंधर के थे और दादी अल्लाह दीन फगवाड़ा के। नायाब कहती है कि मेरे अब्बू का जन्म पाकिस्तान में हुआ है, अम्मी कहती थी कि जब से बंटवारे के बाद उनकी दादा-दादी अपने जन्म स्थान पर एक बार लौटना चाहते थे लेकिन उन्हें वीजा मिलने से पहले खुदा का बुलावा आ गया।
नायाब कहती है कि मैं भारत आकर बहुत खुश हुई हूं, क्योंकि जालंधर में मेरा दादा का घर है और वहां पर नाटक के सिलसिले में मैं जाऊंगी। फाहद हाशमी 27 वर्ष के हैं। कहते हैं कि मेरे दादा जावेद शकील गढ़शंकर (जालंधर) के रहने वाले थे। पहली बार जालंधर जाने को नसीब हुआ है, मैं चाहता हूं कि दोनों मुल्कों के बीच प्यार व व्यापार बढ़े, सियासत दोनों मुल्कों को चैन से रहने नही देती।
कुल मिलाकर भारत-पाकिस्तान बंटवारे के 70 वर्ष बाद दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत का मंच आर्ट का मक्का गुरू नगरी अमृतसर ने दिया है। जिसमें भारत-पाकिस्तान के बड़ी हस्तियां शिरकत कर रही हैं। इस मंच पर दोनों देशों के कलाकार एक साथ नाटक होंगे। 20 मार्च तक होने वाले इस फेस्टिवल में पाकिस्तान से अजोका थियेटर (लाहौर) व भारत से मंच रंगमंच (अमृतसर) के तत्वाधान में विरसा विहार, आर्ट गैलरी में मंचन किया जाएगा।
पाकिस्तान से मदीहा गौहर की अगुवाई में 26 कलाकारों की टीम अमृतसर बुधवार दोपहर पहुंची हैं। पाकिस्तानी कलाकार जालंधर, पटियाला व चंडीगढ़ में भी नाटक करेंगे।
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यह कहना है पाकिस्तान से आए ऐसे कलाकारों का जिनके पूर्वज बंटवारे में बंटे थे। दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत का पैगाम बांटने के लिए ‘इंडो-पाक थियेटर फार पीस फेस्टिवल -2017’ के तत्वाधान में पाकिस्तान के अजोका थियेटर के 26 कलाकारों का दल भारत आया है। तल्हा अख्तर लाहौर का रहने वाला है। दादा अल्लाह दित्ता जोधपुर के थे और दादी फातिमा बीबी अमृतसर की। बंटवारे में उनका परिवार फैसलाबाद चला गया।
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तल्हा अख्तर पाकिस्तानी टीवी के छोटी उम्र में बड़े कलाकार बने। अब तक सौ से अधिक नाटक दुनिया भर में अजोका थियेटर के साथ मिलकर कर चुके हैं। कहते हैं कि दोनों मुल्कों के बीच सियासत ही सबसे बड़ा नफरत फैलाने का काम करते हैं। चाहत है कि दोनों मुल्कों के बीच वीजा प्रणाली सरल हो। तल्हा अख्तर को यह नही पता कि अमृतसर में कहां पर उनके दादा रहते थे, लेकिन अमृतसर की धरती को चूम कर बार्डर पर कदम रखा।
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नायाब खूबसूरत पाकिस्तान की टीवी की बेहतरीन अदाकारा है। 22 बसंत देख चुकी नायाब कहती है कि दादा जालंधर के थे और दादी अल्लाह दीन फगवाड़ा के। नायाब कहती है कि मेरे अब्बू का जन्म पाकिस्तान में हुआ है, अम्मी कहती थी कि जब से बंटवारे के बाद उनकी दादा-दादी अपने जन्म स्थान पर एक बार लौटना चाहते थे लेकिन उन्हें वीजा मिलने से पहले खुदा का बुलावा आ गया।
नायाब कहती है कि मैं भारत आकर बहुत खुश हुई हूं, क्योंकि जालंधर में मेरा दादा का घर है और वहां पर नाटक के सिलसिले में मैं जाऊंगी। फाहद हाशमी 27 वर्ष के हैं। कहते हैं कि मेरे दादा जावेद शकील गढ़शंकर (जालंधर) के रहने वाले थे। पहली बार जालंधर जाने को नसीब हुआ है, मैं चाहता हूं कि दोनों मुल्कों के बीच प्यार व व्यापार बढ़े, सियासत दोनों मुल्कों को चैन से रहने नही देती।
कुल मिलाकर भारत-पाकिस्तान बंटवारे के 70 वर्ष बाद दोनों मुल्कों के बीच मोहब्बत का मंच आर्ट का मक्का गुरू नगरी अमृतसर ने दिया है। जिसमें भारत-पाकिस्तान के बड़ी हस्तियां शिरकत कर रही हैं। इस मंच पर दोनों देशों के कलाकार एक साथ नाटक होंगे। 20 मार्च तक होने वाले इस फेस्टिवल में पाकिस्तान से अजोका थियेटर (लाहौर) व भारत से मंच रंगमंच (अमृतसर) के तत्वाधान में विरसा विहार, आर्ट गैलरी में मंचन किया जाएगा।
पाकिस्तान से मदीहा गौहर की अगुवाई में 26 कलाकारों की टीम अमृतसर बुधवार दोपहर पहुंची हैं। पाकिस्तानी कलाकार जालंधर, पटियाला व चंडीगढ़ में भी नाटक करेंगे।