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पाकिस्तान की 'नापाक' हरकत, सिख जत्थे को नहीं दिया वीजा, वजह बताते हुए कहा...
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sat, 09 Jun 2018 10:48 AM IST
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पाकिस्तान की 'नापाक' हरकत देखिए, सिख जत्थे को वीजा जारी नहीं किया। इसके पीछे की वजह पता की गई तो कारण सामने आया। मूल तथा संशोधित नानक शाही कैलेंडर की तिथियों में फर्क के चलते श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी समागम मनाने के लिए इस बार भी एसजीपीसी का जत्था पाकिस्तान नहीं जा सका।
2003 में तैयार मूल नानक शाही कैलेंडर के मुताबिक गुरु साहिब का शहीदी दिवस 16 जून है, जबकि बाद में संशोधित कैलेंडर के मुताबिक 17 जून है। पाकिस्तान संशोधित कैलेंडर को नहीं मानता। नतीजतन वहां पर सिखों के पर्व मूल तिथियों के हिसाब से मनाए जाते हैं। एसजीपीसी ने अपना जत्था 9 से 18 जून तक के लिए भेजना था और इसके लिए वीजा भी अप्लाई किया था, लेकिन पाकिस्तानी अंबेसी ने वीजा नहीं दिया। बता दें कि यह जत्थ पिछले छह साल से पाक नहीं जा पा रहा है।
सरहद पार जत्थे का स्वागत
वहीं मूल कैलेंडर के हिसाब से 8 से 17 जून तक जाने वाले जत्थे को वीजा दिया गया। इसके तहत शिरोमणि अकाली दल दिल्ली और भाई मरदाना कीर्तन दरबार सोसाइटी का 85 लोगों का जत्था अटारी बार्डर के रास्ते शुक्रवार को सरहद पार रवाना हुआ। वहां पहले से पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान तारा सिंह, पूर्व प्रधान बिशन सिंह, एक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के सेक्रेटरी तारिक वजीर खान, एडिशनल सेक्रेटरी इमरान गौंदल, गुरुद्वारा डेरा साहिब के केयर टेकर अजहर अब्बास पहले से फूल-मालाएं लेकर मौजूद रहे। जत्थे के पहुंचते ही उनका पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
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2003 में तैयार मूल नानक शाही कैलेंडर के मुताबिक गुरु साहिब का शहीदी दिवस 16 जून है, जबकि बाद में संशोधित कैलेंडर के मुताबिक 17 जून है। पाकिस्तान संशोधित कैलेंडर को नहीं मानता। नतीजतन वहां पर सिखों के पर्व मूल तिथियों के हिसाब से मनाए जाते हैं। एसजीपीसी ने अपना जत्था 9 से 18 जून तक के लिए भेजना था और इसके लिए वीजा भी अप्लाई किया था, लेकिन पाकिस्तानी अंबेसी ने वीजा नहीं दिया। बता दें कि यह जत्थ पिछले छह साल से पाक नहीं जा पा रहा है।
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सरहद पार जत्थे का स्वागत
वहीं मूल कैलेंडर के हिसाब से 8 से 17 जून तक जाने वाले जत्थे को वीजा दिया गया। इसके तहत शिरोमणि अकाली दल दिल्ली और भाई मरदाना कीर्तन दरबार सोसाइटी का 85 लोगों का जत्था अटारी बार्डर के रास्ते शुक्रवार को सरहद पार रवाना हुआ। वहां पहले से पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान तारा सिंह, पूर्व प्रधान बिशन सिंह, एक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के सेक्रेटरी तारिक वजीर खान, एडिशनल सेक्रेटरी इमरान गौंदल, गुरुद्वारा डेरा साहिब के केयर टेकर अजहर अब्बास पहले से फूल-मालाएं लेकर मौजूद रहे। जत्थे के पहुंचते ही उनका पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।
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