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करतारपुर साहिब जाने के लिए अपने इलाके में पुल बनाएगा पाकिस्तान, प्रतिनिधिमंडल आएगा भारत
Thu, 27 Aug 2020 12:20 PM IST
खुशबू गोयल
मनन सैनी, गुरदासपुर
मनन सैनी, गुरदासपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 27 Aug 2020 12:20 PM IST
सार
- सात पाकिस्तानी इंजीनियरों का प्रतिनिधिमंडल वीरवार को सर्वे के लिए आएगा भारत
- भारत ने पहल करते हुए शुरू में ही खत्म किया था अपने हिस्से के पुल का निर्माण कार्य
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पाकिस्तान की तरफ अधूरा छोड़ा गया पुल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
करतारपुर कॉरिडोर के जरिए श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए भारत की ओर से की गई पहल के बाद अब पाकिस्तान सरकार ने भी पुल के काम को शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई है। पाकिस्तान अब अपने इलाके में भारत की तरफ से अधूरे छोड़े गए पुल का निर्माण करा सकता है।
इसके तहत वीरवार को पाकिस्तानी इंजीनियरों के सात सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल भारत में बने पुल का सर्वे करने के लिए भारत आ रहा है। इस संबंध में नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से बाकायदा पत्र जारी किया है और बीएसएफ ने भी इस संबंध में परमिशन दे दी है।
पत्र में कहा है कि पाकिस्तान से सात इंजीनियरों का दल भारतीय इंजीनियरों के साथ ज्वाइंट सर्वे करेगा। यह पत्र प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनील यादव की ओर से लिखा गया है। डीआईजी बीएसएफ राजेश शर्मा ने मीटिंग की पुष्टी करते हुए बताया कि उन्हें सिर्फ यह बताया गया है कि पाकिस्तान ने अपने इलाके में जो पुल का हिस्सा अधूरा छोड़ा है, उसे वह बनाकर पूरा करना चाहता है।
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इससे ज्यादा उन्हें कुछ नहीं पता। बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होने से पहले ही 16 अक्तूबर 2019 से पहले तक भारत सरकार ने अपने हिस्से के पुल का निर्माण कर दिया था। जबकि पाकिस्तान ने उस पुल को शुरू भी नहीं किया था। इस कारण श्रद्धालुओं के लिए पुल के साथ एक सड़क का निर्माण करवाया गया था।
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इसके तहत वीरवार को पाकिस्तानी इंजीनियरों के सात सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल भारत में बने पुल का सर्वे करने के लिए भारत आ रहा है। इस संबंध में नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया की ओर से बाकायदा पत्र जारी किया है और बीएसएफ ने भी इस संबंध में परमिशन दे दी है।
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पत्र में कहा है कि पाकिस्तान से सात इंजीनियरों का दल भारतीय इंजीनियरों के साथ ज्वाइंट सर्वे करेगा। यह पत्र प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनील यादव की ओर से लिखा गया है। डीआईजी बीएसएफ राजेश शर्मा ने मीटिंग की पुष्टी करते हुए बताया कि उन्हें सिर्फ यह बताया गया है कि पाकिस्तान ने अपने इलाके में जो पुल का हिस्सा अधूरा छोड़ा है, उसे वह बनाकर पूरा करना चाहता है।
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इससे ज्यादा उन्हें कुछ नहीं पता। बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होने से पहले ही 16 अक्तूबर 2019 से पहले तक भारत सरकार ने अपने हिस्से के पुल का निर्माण कर दिया था। जबकि पाकिस्तान ने उस पुल को शुरू भी नहीं किया था। इस कारण श्रद्धालुओं के लिए पुल के साथ एक सड़क का निर्माण करवाया गया था।