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Operation Sindoor: पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में ड्रोन से बढ़ाई जासूसी, आईएसआई का पूरा समर्थन
Tue, 21 Apr 2026 09:09 AM IST
Sharukh Khan
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 21 Apr 2026 09:09 AM IST
सार
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में ड्रोन से जासूसी बढ़ा दी है। सीमा पार से तस्करी के साथ निगरानी तेज हो गई है। पंजाब में भीतर तक ड्रोन पहुंच रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों में मंथन चल रहा है। एंटी ड्रोन सिस्टम और समन्वय मजबूत करने पर जोर है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने सीमा पर ड्रोन गतिविधियों को तेज कर दिया है और अब तस्करी के साथ-साथ जासूसी पर भी फोकस बढ़ा दिया गया है। पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन अब पहले से अधिक भीतर तक पहुंच रहे हैं जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है और बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार भेजने के साथ इलाके की निगरानी भी कर रहा है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों और विशेषज्ञों की बैठक आयोजित की गई जिसमें ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकों के इस्तेमाल से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में सीमा सुरक्षा बल, भारतीय सेना की पश्चिमी कमान, भारतीय वायु सेना चंडीगढ़, पंजाब पुलिस, नैनो साइंस सेंटर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और उन्नत एंटी ड्रोन तकनीकों की तैनाती जरूरी है।
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सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार भेजने के साथ इलाके की निगरानी भी कर रहा है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए हाल ही में सुरक्षा एजेंसियों और विशेषज्ञों की बैठक आयोजित की गई जिसमें ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकों के इस्तेमाल से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई।
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बैठक में सीमा सुरक्षा बल, भारतीय सेना की पश्चिमी कमान, भारतीय वायु सेना चंडीगढ़, पंजाब पुलिस, नैनो साइंस सेंटर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और उन्नत एंटी ड्रोन तकनीकों की तैनाती जरूरी है।
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आईएसआई का पूरा समर्थन
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की इन गतिविधियों को उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पूरा समर्थन मिल रहा है। ड्रोन के जरिए तस्करी की आड़ में बड़ी साजिश की आशंका है हालांकि कई प्रयासों को बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने नाकाम किया है। यह गतिविधियां ऑपरेशन सिंदूर के बाद ही तेज हुई हैं।
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की इन गतिविधियों को उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पूरा समर्थन मिल रहा है। ड्रोन के जरिए तस्करी की आड़ में बड़ी साजिश की आशंका है हालांकि कई प्रयासों को बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने नाकाम किया है। यह गतिविधियां ऑपरेशन सिंदूर के बाद ही तेज हुई हैं।
विस्फोटक सामग्री भी गिरा रहे ड्रोन
पंजाब पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार ड्रोन अब केवल नशा और हथियार ही नहीं बल्कि आईईडी आरडीएक्स बैटरी और हैंड ग्रेनेड जैसी विस्फोटक सामग्री भी गिरा रहे हैं। सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही राज्य में विभिन्न संस्थानों को उड़ाने की धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
पंजाब पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार ड्रोन अब केवल नशा और हथियार ही नहीं बल्कि आईईडी आरडीएक्स बैटरी और हैंड ग्रेनेड जैसी विस्फोटक सामग्री भी गिरा रहे हैं। सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम पूरी तरह सक्रिय है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही राज्य में विभिन्न संस्थानों को उड़ाने की धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।