बोतल में ड्रग्स भरकर खिलाड़ियों की मदद से भारतीय सीमा में फिंकवा रहे पाक तस्कर
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बॉर्डर एरिया में पाकिस्तान से नशा तस्करी का खेल लगातार जारी है। नशा तस्कर इसके लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हुए किसी भी तरह बार्डर पार से नशा भारत तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं। सबसे ज्यादा इस्तेमाल ‘थ्रोइंग’ सिस्टम का किया जा रहा है। तस्कर इस सिस्टम को सबसे सेफ और आसान समझते हैं। तस्कर अब पैकेट ही नहीं प्लास्टिक की बोतलों में भी नशा भरकर उसे पाकिस्तान से यहां फेंक रहे हैं।
तस्करों का यही ‘थ्रोइंग’ सिस्टम इन दिनों पंजाब क्षेत्र में सीमाओं की निगेहबानी में जुटी बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बीएसएफ सूत्रों के अनुसार ये तस्कर लंबी दूर तक करीब आधे व एक किलो का नशे का पैकेट बनाकर उसे फेंकने का प्रयास भी करते हैं। इन पैकेटों को छोटे साइज में तैयार किया जाता है, जो कि हाथ में पूरी तरह फिट आ जाए। फिर उस पैकेट को जोर लगाकर पाकिस्तान की ओर से हिंदुस्तान में फेंक दिया जाता है। तस्करों का थ्रो इतना गजब का होता है कि बार्डर पर लगी फेंसिंग से हिंदुस्तान की ओर ये पैकेट 40 से 60 मीटर तक कीदूरी पर खेतों में आकर गिरते हैं।
सूत्रों ने बताया कि पैकेट कहां और कब फेंकने है, इसकी सेटिंग पहले से ही व्हॉटसअप कॉल से पाकिस्तानी नशा तस्कर पंजाब बार्डर एरिया में सक्रिय नशा तस्करों से कर लेते हैं। ताकि वे खेतों में जाकर नशे के पैकेट उठा लें। मगर दूसरी ओर, बीएसएफ भी लगातार नशा तस्करों पर शिकंजा कसने में जुटी हुई है। यही वजह है कि बीएसएफ बार्डर पार से फेंके जा रहे नशे के कई पैकेटों को पकड़ने में कामयाब भी हो रही है।
हेरोइन की डिमांड सबसे ज्यादा
वैसे तो पाकिस्तान की तरफ से कई तरह का नशा भारत आता है। वाया पंजाब, हरियाणा व राजस्थान इस नशे को देश के अन्य इलाकों में सप्लाई भी कर दिया जाता है। मगर सूत्रों ने बताया कि इन दिनों हेरोइन की डिमांड सबसे ज्यादा है। बीएसएफ ने भी पिछले दिनों हेरोइन ही सबसे ज्यादा पकड़ी है।
बढ़ी हो रही गेहूं की फसल, तस्करों के लिए बढ़िया
पंजाब का बार्डर एरिया सैकड़ों किलोमीटर तक फैला हुआ है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर फेंसिंग के दोनों ओर किसान खेती करते हैं। इन दिनों इस एरिया में सबसे ज्यादा गेहूं की फसल लगी हुई है। जोकि अच्छी खासी बढ़ी हो चुकी है। यही मौका तस्करों के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है, क्योंकि बार्डर पार से फेंका गया नशे का पैकेट, फसल की आड़ में छिपा रहता है। गश्त करने वाले बीएसएफ जवानों की नजर भी आसानी से यहां नहीं पड़ती और स्थानीय तस्कर मौका लगते ही फसलों में छिपा पैकेट ले उड़ते हैं।
दो महीनों में करोड़ों की हेरोइन पकड़ी
- जनवरी में बार्डर एरिया अबोहर से बीएसएफ की 124 बटालियन ने 4 किलो हेरोइन पकड़ी। आधा-आधा किलो के 5 पैकेट थे।
- फिरोजपुर एरिया से बीएसएफ की 136 बटालियन ने आधा-आधा किलो के हेरोइन के दो पैकेट पकड़े।
- फिर से 124 व 136 बटालियन ने 2 पैकेट एक-एक किलो हेरोइन के पकड़े
- कोहरा का फायदा उठा तस्करों ने बार्डर पार से 2 किलो हेरोइन के 4 पैकेट फेंके। 136 बटालियन ने पकड़े।
- अमृतसर क्षेत्र में राजातल पोस्ट के पास 71 बटालियन ने चालीस किलो से अधिक हेराइन, 1 चाइना मेड पिस्तोल, 1 मैगजीन, 9 कारतूस पकड़ी।
- जनवरी में फिरोजपुर एरिया में 103 बटालियन ने 6 किलो से अधिक हेरोइन
- गुरदासपुर क्षेत्र में 58 बटालियन ने 23 किलो हेरोइन, 2 पिस्तौल, 90 जिंदा कारतूस पकड़े।
- अमृतसर की 71 बटालियन ने 12.52 किलो हेरोइन, 1 पिस्तौल, 1 मैगजीत व 9 जिंदा कारतूस पकड़े।
- 124 बटालियन ने 2 किलो हेरोइन व 71 बटालियन ने 1 पिस्तौल, 1 मैगजीन और 7 जिंदा कारतूस पकड़े।
- फरवरी में 136 बटालियन ने कोहरे में 2 किलो हेरोइन पकड़ी।
- 02 बटालियन ने 3 प्लास्टिक की बोतल में 3 किलो हेरोइन पकड़ी।
- 103 बटालियन ने 2 किलो व 124 बटालियन ने 4 किलो हेरोइन पकड़ी।