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सीएम से मिले पहलवान वीरेंद्र: मिला आश्वासन, समीक्षा के लिए बनेगी कमेटी, मांगों पर किया जायेगा विचार
Thu, 11 Nov 2021 02:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 11 Nov 2021 02:50 PM IST
सार
वीरेंद्र की डेफ खिलाड़ियों को ओलंपिक व पैरालंपिक के बराबर दर्जा दिलाने की मांग है। इस मामले को लेकर गुरुवार को पंचकूला में खेल निदेशक आईपीएस पंकज नैन से मुलाकात के बाद शाम को वीरेंद्र ने सीेएम मनोहर लाल से मुलाकात की।
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पद्मश्री पहलवान वीरेंद्र सिंह ने सीएम मनोहर लाल से की मुलाकात।
- फोटो : @mlkhattar
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विस्तार
पद्मश्री वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान ने कैश अवॉर्ड में अनदेखी को लेकर गुरुवार देर शाम सीएम मनोहर लाल से मुलाकात की। इस दौरान सीएम ने आश्वाशन दिया कि खेल नीति के तहत जिस नौकरी और लाभ का पात्र होगा पहलवान को वह दिया जाएगा। इस पर पहलवान ने सीएम का आभार जताया।
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इससे पहले पहलवान ने पंचकूला में खेल निदेशक आईपीएस पंकज नैन से मुलाकात की। गूंगा पहलवान ने तमाम समस्याओं को खेल महानिदेशक के समक्ष रखा। बातचीत के बाद खेल महानिदेशक ने कहा कि गूंगा पहलवान की समस्याओं को लेकर बातचीत सार्थक रही है। इनकी मांग है कि पैरा खिलाड़ियों की तर्ज पर उन्हें भी कैश अवॉर्ड दिया जाए। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है जो पूरे मामले की समीक्षा करेगी।
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गूंगा पहलवान के भाई रामवीर ने बताया कि खेल निदेशक ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को पूरा किया जाएगा। यदि सरकार उनका सहयोग करती हैं तो वह भी सरकार का पूरा सहयोग करेंगे। बता दें कि बुधवार को पहलवान दिल्ली स्थित हरियाणा भवन के बाहर धरना शुरू कर दिया था। सीएम के आश्वाशन के बाद उसने धरना खत्म कर दिया था।
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ओलंपिक, पैरालंपिक के मुकाबले डेफ खिलाड़ियों को कम मिलती है राशि
हरियाणा की खेल नीति में दो पॉलिसी बनाई गई हैं। एक नौकरी देने की और दूसरी कैश अवार्ड देने की। ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़ रुपये का इनाम दिया जाता है। डेफ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम दिया जाता है। वीरेंद्र पहलवान की मांग है कि डेफ खिलाड़ियों को पैरा खिलाड़ियों का दर्जा दिया जाए।