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Padma Awards 2023: पद्मश्री से सम्मानित होंगे डॉ. रतन सिंह जग्गी, रामचरित मानस का पंजाबी में किया था अनुवाद

Wed, 25 Jan 2023 11:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 25 Jan 2023 11:35 PM IST
सार

डॉ. जग्गी की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि उन्होंने रामचरित मानस का पंजाबी में अनुवाद किया। श्री गुरू ग्रंथ साहिब से संबंधी सवालों का जवाब देने के लिए एक विश्वकोष की जरूरत थी, जिसे देखते हुए साल 2002 में डॉ. जग्गी ने संक्षिप्त रूप में श्री गुरू ग्रंथ विश्वकोष को लिखा।

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Padma Shri award announced for Dr. Rattan Singh Jaggi
डॉ. रतन सिंह जग्गी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र के जाने-माने विद्वान डॉ. रतन सिंह जग्गी पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची जारी की गई है। सूची में पंजाब से इकलौता नाम डॉ. रतन सिंह जग्गी का है। डॉ. जग्गी पंजाबी व हिंदी और खास तौर से गुरमत साहित्य के बहुत ही प्रतिष्ठित विद्वान हैं। उन्होंने अपने जीवन का 70 साल से ज्यादा समय साहित्य की सेवा में समर्पित किया है। 

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उन्होंने साल 1962 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी से दशम ग्रंथ का पौराणिक अध्यनन विषय में पीएचडी की। साल 1973 में डॉ. रतन सिंह जग्गी ने मगध यूनिवर्सिटी (बोधागया) से डी-लिट की डिग्री प्राप्त की, जिसमें उनका हिंदी में विषय श्री गुरू नानक- व्यक्तित्व, कृतित्व और चिंतन था। इस पुस्तक को भाषा विभाग की ओर से प्रथम पुरस्कार दिया गया। श्री गुरू नानक वाणी को लेकर भी डॉ. जग्गी ने कईं पुस्तकें लिखीं। श्री गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाशपर्व के मौके पर पंजाब सरकार की ओर से गुरू नानक वाणी-पाठ और व्याख्या नामक पुस्तक डॉ. जग्गी से पंजाबी व हिंदी में तैयार कराके बांटी गई।
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डॉ. जग्गी की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि उन्होंने रामचरित मानस का पंजाबी में अनुवाद किया। श्री गुरू ग्रंथ साहिब से संबंधी सवालों का जवाब देने के लिए एक विश्वकोष की जरूरत थी, जिसे देखते हुए साल 2002 में डॉ. जग्गी ने संक्षिप्त रूप में श्री गुरू ग्रंथ विश्वकोष को लिखा। इसे पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी ने प्रकाशित किया। साहित्य जगत में डॉ. जग्गी की उपलब्धियों के लिए उन्हें साल 2014 में पंजाबी यूनिवर्सिटी ने आनरेरी डी-लिट डिग्री से नवाजा था।

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