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वन ब्लॉक वन प्रोडक्ट: हरियाणा के 140 खंड के 140 उत्पाद देश-विदेश में निर्यात करने का प्लान, ‘पदमा’ पहल शुरू
Fri, 15 Oct 2021 03:21 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 15 Oct 2021 03:21 AM IST
सार
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ब्लॉक में उस ब्लॉक के लोगों द्वारा उत्पादित बेहतरीन प्रोडक्ट के लिए एक कलस्टर बनाया जाए। यहां पर एमएसएमई की भांति लोगों को उद्योग लगाने के लिए प्लॉट उपलब्ध करवाए जा सकेंगे।
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दुष्यंत चौटाला
- फोटो : facebook.com/dchautala
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विस्तार
हरियाणा सरकार राज्य के 140 ब्लॉक (खंड) में 140 प्रोडक्ट (उत्पाद) को देश-विदेश में निर्यात करने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रही है। इसके लिए सरकार ने ‘पदमा’ पहल शुरू की है। इसके तहत ‘वन ब्लॉक वन प्रोडक्ट’ को प्रोत्साहित किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को ‘पदमा’ पहल को लेकर उद्योग एवं वाणिज्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, एमएसएमई, विकास एवं पंचायत विभाग समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ‘पदमा’ पहल कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले अन्य राज्यों की ग्रामीण उद्योग को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि राज्य के कई गांवों में हुनरमंद लोगों द्वारा ऐसे गुणवत्तापरक प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं, जिनकी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी कीमत मिल सकती है।
यह भी पढ़ें: हरियाणा में बिजली संकट का डर: कोयले का स्टॉक कम, अडानी ने बंद की बिजली आपूर्ति, कोयला भी मिल रहा आधा
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बैठक में डीएस ढेसी, वित्त आयुक्त संजीव कौशल, एचएसआईआईडीसी के एमडी अनुराग अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार, एमएसएमई के महानिदेशक विकास गुप्ता, एचएसवीपी के सीए अजीत बालाजी जोशी, विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक आरसी बिढ़ान, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक के. मकरंद पांडुरंग, ओएसडी कमलेश भादु उपस्थित थे।
कलस्टर बनाने की तैयारी
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ब्लॉक में उस ब्लॉक के लोगों द्वारा उत्पादित बेहतरीन प्रोडक्ट के लिए एक कलस्टर बनाया जाए। यहां पर एमएसएमई की भांति लोगों को उद्योग लगाने के लिए प्लॉट उपलब्ध करवाए जा सकेंगे। इस कलस्टर में बिजली, पानी, सड़क, बैंक, कॉमन सर्विस सैंटर जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है वे इन छोटे उद्यमियों के प्रोडक्ट को बड़ी कंपनियों के सहयोग से निर्यात करने में सहयोग किया जाए ताकि उनके प्रोडक्ट की अच्छी कीमत मिल सके।
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डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ‘पदमा’ पहल कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले अन्य राज्यों की ग्रामीण उद्योग को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि राज्य के कई गांवों में हुनरमंद लोगों द्वारा ऐसे गुणवत्तापरक प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं, जिनकी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छी कीमत मिल सकती है।
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बैठक में डीएस ढेसी, वित्त आयुक्त संजीव कौशल, एचएसआईआईडीसी के एमडी अनुराग अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार, एमएसएमई के महानिदेशक विकास गुप्ता, एचएसवीपी के सीए अजीत बालाजी जोशी, विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक आरसी बिढ़ान, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक के. मकरंद पांडुरंग, ओएसडी कमलेश भादु उपस्थित थे।
कलस्टर बनाने की तैयारी
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रत्येक ब्लॉक में उस ब्लॉक के लोगों द्वारा उत्पादित बेहतरीन प्रोडक्ट के लिए एक कलस्टर बनाया जाए। यहां पर एमएसएमई की भांति लोगों को उद्योग लगाने के लिए प्लॉट उपलब्ध करवाए जा सकेंगे। इस कलस्टर में बिजली, पानी, सड़क, बैंक, कॉमन सर्विस सैंटर जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है वे इन छोटे उद्यमियों के प्रोडक्ट को बड़ी कंपनियों के सहयोग से निर्यात करने में सहयोग किया जाए ताकि उनके प्रोडक्ट की अच्छी कीमत मिल सके।