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हरियाणा में बिजली संकट का डर: अडानी ने बंद की बिजली आपूर्ति, कोयला भी मिल रहा आधा
Thu, 14 Oct 2021 11:10 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 14 Oct 2021 11:10 PM IST
सार
कोयला कम मिलने के कारण और अडानी की बिजली सप्लाई बंद होने के कारण 4 से 5 दिन के स्टॉक के कोयले का प्रयोग शुरू किया गया है। कुछ दिनों में प्रदेश को पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला तो बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बिगड़ सकता है।
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बिजली संकट
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हरियाणा को अडानी से मिलने वाली 1424 मेगावाट बिजली अब बंद हो गई है। कोयले का स्टॉक चार से पांच दिन का है। इससे प्रदेश में बिजली संकट का डर पैदा हो गया है। हालांकि, स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने पानीपत थर्मल पावर प्लांट की यूनिट नंबर 7 और 8 को शुरू कर दिया है। यहां पर रोजाना 250-250 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।
गुरुवार को प्रदेश में 5800 मेगावाट बिजली की मांग रही और विभाग का दावा 6100 मेगावाट बिजली उपलब्ध करवाने का है। वहीं, कोयला कम मिलने के कारण और अडानी की बिजली सप्लाई बंद होने के कारण 4 से 5 दिन के स्टॉक के कोयले का प्रयोग शुरू किया गया है। कुछ दिनों में प्रदेश को पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला तो बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बिगड़ सकता है। रोजाना 8 रैक कोयले की जररूत है, लेकिन 4 रैक ही मिल पा रहे हैं।
इस समय दीन बंधू छोटू राम पावर प्लांट यमुनानगर की यूनिट नंबर 1 और हिसार स्थित खेदड़ पावर प्लांट की यूनिट नंबर 2 पिछले एक माह से बंद पड़ी है। बायलर फटने के कारण यहां पर मरम्मत का कार्य चल रहा है और अभी इसमें और समय लगेगा।
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अभी जरूरत है कम
इस समय धान कटाई का सीजन चल रहा है। मौसम में ठंडक आने लगी है। इस कारण एसी की जरूरत कम है और खेतों में भी बिजली की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में जरूर बिजली की जरूरत है। औसतन रोजाना 6 हजार मेगावाट बिजली की मांग आ रही है और विभाग इतनी सप्लाई दे रहा है। विभाग के एसीएस पीके दास का दावा है कि किसी भी वर्ग में बिजली कट नहीं लगाए जा रहे हैं। जरूरत के मुताबिक बिजली सप्लाई की जा रही है।
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गुरुवार को प्रदेश में 5800 मेगावाट बिजली की मांग रही और विभाग का दावा 6100 मेगावाट बिजली उपलब्ध करवाने का है। वहीं, कोयला कम मिलने के कारण और अडानी की बिजली सप्लाई बंद होने के कारण 4 से 5 दिन के स्टॉक के कोयले का प्रयोग शुरू किया गया है। कुछ दिनों में प्रदेश को पर्याप्त स्टॉक नहीं मिला तो बिजली आपूर्ति का शेड्यूल बिगड़ सकता है। रोजाना 8 रैक कोयले की जररूत है, लेकिन 4 रैक ही मिल पा रहे हैं।
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इस समय दीन बंधू छोटू राम पावर प्लांट यमुनानगर की यूनिट नंबर 1 और हिसार स्थित खेदड़ पावर प्लांट की यूनिट नंबर 2 पिछले एक माह से बंद पड़ी है। बायलर फटने के कारण यहां पर मरम्मत का कार्य चल रहा है और अभी इसमें और समय लगेगा।
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अभी जरूरत है कम
इस समय धान कटाई का सीजन चल रहा है। मौसम में ठंडक आने लगी है। इस कारण एसी की जरूरत कम है और खेतों में भी बिजली की जरूरत नहीं है। इंडस्ट्री में जरूर बिजली की जरूरत है। औसतन रोजाना 6 हजार मेगावाट बिजली की मांग आ रही है और विभाग इतनी सप्लाई दे रहा है। विभाग के एसीएस पीके दास का दावा है कि किसी भी वर्ग में बिजली कट नहीं लगाए जा रहे हैं। जरूरत के मुताबिक बिजली सप्लाई की जा रही है।
मांग अनुसार दे रहे सप्लाई
ये सही है कि प्रदेश को अडानी से बिजली फिलहाल नहीं मिल रही है। इसके पीछे कंपनी तकनीकी कारण बता रही है, न कि कोयले की कमी। इससे प्रदेश की बिजली पर कोई फक्र नहीं पड़ता है, क्योंकि हमने अपने प्लांट शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में जितनी मांग है, उसकी बिजली की आपूर्ति की जा रही है। फिलहाल हमारे पास पर्याप्त कोयला स्टॉक है। -रणजीत सिंह चौटाला, बिजली मंत्री।
ये सही है कि प्रदेश को अडानी से बिजली फिलहाल नहीं मिल रही है। इसके पीछे कंपनी तकनीकी कारण बता रही है, न कि कोयले की कमी। इससे प्रदेश की बिजली पर कोई फक्र नहीं पड़ता है, क्योंकि हमने अपने प्लांट शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में जितनी मांग है, उसकी बिजली की आपूर्ति की जा रही है। फिलहाल हमारे पास पर्याप्त कोयला स्टॉक है। -रणजीत सिंह चौटाला, बिजली मंत्री।